लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजधानी की मतदाता सूची से 35 फीसदी तक नाम कट सकते हैं। इनमें वे मतदाता है, जिनके नाम एक से अधिक मतदाता सूची में हैं। इसके अलावा मृत मतदाता और जो शहर से बाहर जा चुके हैं, उनके नाम भी हटाए जाएंगे। इसलिए कुल मतदाताओं का आंकड़ा ठीक-ठाक कम होगा।
राजधानी की वर्तमान मतदाता सूची में 39 लाख 94 हजार 535 नाम हैं। एसआईआर का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इस प्रक्रिया से जुड़े एक अफसर ने बताया कि अब तक जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे साफ है कि शहर की मतदाता सूची से 35 फीसदी तक नाम हटाए जा सकते हैं। इनमें सबसे अधिक मामले डुप्लीकेसी के हैं। एक-एक मतदाता के तीन-तीन, चार-चार जगहों की मतदाता सूचियों में नाम शामिल हैं। अब उनमें सुधार करते हुए उनका नाम सिर्फ एक में शामिल करने की प्रक्रिया जा रही है। इसलिए नाम कटने का आंकड़ा इतना अधिक जाएगा।
लखनऊ में इस तरह के मामले अधिक
सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ क्षेत्र के रहने वाले लोग जो शहर के अन्य इलाकों में शिफ्ट हुए, उनमें अधिकतर लोगों के नाम दो मतदाता सूची में शामिल है। इस तरह के मामले सबसे अधिक हैं। ऐसे लगभग सभी मतदाताओं को चिह्नित किया जा चुका है। काफी हद तक संशोधन भी किया जा चुका है।
फॉर्म भरकर घर में न रखें...जल्द जमा करें
प्रशासन के अफसरों के मुताबिक, तमाम मतदाताओं ने फॉर्म लेकर रख लिए हैं। वह भरकर जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे मतदाताओं के फॉर्म जमा करवाना बड़ी चुनौती बन गया है। इसलिए बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र कर रहे हैं, मगर बहुत से लोग इसमें भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। अफसरों ने ऐसे मतदाताओं से अपील की है कि वह 11 दिसंबर से पहले फॉर्म भरकर जरूर जमा कर दें।