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Lucknow News: नेहरू एन्क्लेव में बनेगा सेना का वार म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर

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लखनऊ। गोमतीनगर की नेहरू एन्क्लेव कॉलोनी के पास खाली जमीन पर सेना का वार म्यूजियम व विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनेगा। इससे लखनऊ को रक्षा विरासत, सैन्य इतिहास व पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। यह शहर में आधुनिक सम्मेलन सुविधाओं का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। परियोजना का विकास लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर एलडीए ने इसका प्रस्ताव तैयार कराया है। परियोजना के निर्माण के लिए सेना अपने भौतिक कब्जे वाली 33.97 एकड़ भूमि एलडीए को हस्तांतरित करेगी। इसमें 12.87 एकड़ क्षेत्रफल में एलडीए वार म्यूजियम व कन्वेंशन सेंटर बनेगा जबकि 14 एकड़ भूमि ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित की जाएगी। शेष 7.10 एकड़ भूमि पर व्यावसायिक एवं मिश्रित उपयोग के भूखंड विकसित किए जाएंगे जिसे बेचकर म्यूजियम व कन्वेंशन सेंटर के निर्माण का खर्च निकाला जाएगा।

दो वर्ष में बनकर होगा तैयार
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को शासन स्तर पर हुई बैठक में एलडीए के प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त हुई है। सेना से औपचारिक सहमति मिलने पर दो वर्ष के अंदर एलडीए वार म्यूजियम एवं कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराएगा। परिसर का संचालन भी एलडीए करेगा।
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कारगिल व विश्व युद्ध के इतिहास से रूबरू होंगे लोग
वार म्यूजियम में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। संग्रहालय में प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध, 1947-48, 1962, 1965, 1971 तथा कारगिल युद्ध सहित भारतीय सैन्य इतिहास के विभिन्न अध्यायों को डिजिटल तकनीक, प्रोजेक्शन मैपिंग, इंटरैक्टिव डिस्प्ले एवं अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। आधुनिक युद्ध प्रणाली, ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट, उरी, सियाचिन, नौसेना एवं वायुसेना की उपलब्धियों तथा भारतीय सैन्य परंपरा पर आधारित विशेष गैलरियां भी विकसित की जाएंगी।

सेना से जुड़ने का युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
संग्रहालय में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर, 270 डिग्री इमर्सिव ऑडिटोरियम, रक्षा उपकरणों की ओपन एयर प्रदर्शनी, हेलीकॉप्टर एवं टैंक सिम्यूलेटर, डिजिटल इंटरैक्टिव जोन, सैन्य स्मृति वस्तु केंद्र विकसित किया जाएगा। इससे युवाओं को भारतीय सशस्त्र सेना से जुड़ने व कॅरिअर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस परियोजना से शहर में पर्यटन, रोजगार, निवेश तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
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