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Lucknow News: ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे फेज को मिली सेना की हरी झंडी

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एलडीए बनाएगा ग्रीन कॉरिडोर।
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लखनऊ। ग्रीन कॉरिडाेर के तीसरे में फेज में आ रही सेना की जमीन की बाधा दूर हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने एलडीए को अनापत्ति देते हुए काम शुरू करने की मंजूरी दे दी है। जमीन के बदले एलडीए सेना को करीब 35 करोड़ रुपये देगा। कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद शहर की करीब 10 लाख आबादी को फायदा होगा।
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गोमती नदी के दोनों तटों पर करीब 28 किमी लंबे चार लेन के ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से चार फेज में किया जा रहा है। इसकी शुरुआत तीन साल पहले हुई थी। इसमें पहला फेज का काम आईआईएम रोड से पक्का पुल तक पूरा हो चुका है और करीब दो साल से ट्रैफिक भी चल रहा है। दूसरे फेज में पक्का पुल से पिपराघाट तक काम होना है। उसमें गोमती नगर से डालीगंज पुल तक इस फेज में काम हो गया है और आवागमन में भी करीब तीन महीने से चल रहा है।
तीसरा फेज पिपराघाट से शहीद तक और चौथा फेज में शहीद पथ से किसान पथ तक है। तीसरे फेज में सेना की जमीन भी आ रही है। इसी जमीन पर ग्रीन कॉरिडोर के लिए बंधा व फ्लाईओवर बनना है। इसी मसले को लेकर बातचीत के लिए बुधवार को एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार दिल्ली गए थे। वहां पर उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात की और और पूरी योजना बताई। एलडीए ने जमीन के बदले 35 करोड़ रुपये भी देने का वादा किया। इसके बाद सेना ने जनहित को देखते हुए सेना की जमीन पर ग्रीन कॉरिडोर निर्माण की अनुमति दे दी।
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इतना लंबा है किस फेज का ग्रीन कॉरिडोर
0 आईआईएम रोड से पक्का पुल तक- 7 किमी
0 पक्का पुल से पिपराघाट तक - 9 किमी
0 पिपराघाट से शहीद तक- 6 किमी
0 शहीद पथ से किसान पथ तक- 6 किमी
Iतीसरे फेज में सेना की करीब दो हेक्टेयर जमीन आ रही है। उस पर निर्माण के लिए सेना ने अनुमति दी है। अब कॉरिडोर का काम और तेजी से होगा। कॉरिडोर बनने से शहर की करीब 10 लाख आबादी को फायदा होगा।I
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Iप्रथमेश कुमार, वीसी एलडीएI
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