रायबरेली। लगातार मांग बढ़ने के बाद मनरेगा में अब क्षेत्र पंचायतों को भी गांवों में विकास कार्य कराने की अनुमति मिल गई है। सीडीओ ने सभी बीडीओ को पत्र जारी करके गाइडलाइन के अनुरूप क्षेत्र पंचायतों से भी मनरेगा के काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा होने के साथ ही ग्राम पंचायतों के साथ ही क्षेत्र पंचायतें भी 980 गांवों में विकास कराएंगी।
शुरू में क्षेत्र पंचायतों को भी मनरेगा से काम कराने की सुविधा दी गई थी। तमाम स्तर पर शिकायतें आने के बाद क्षेत्र पंचायत के कार्यों के प्रस्तावों को पास नहीं किया जा रहा था। काफी समय बाद मांग बढ़ने पर अब शासन ने क्षेत्र पंचायतों को फिर से मनरेगा से कार्य कराने की अनुमति दी है। इस संबंध में सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी करके क्षेत्र पंचायतों से भी मनरेगा के काम कराने के निर्देश दिए हैं। मनरेगा की गाइडलाइन का शत प्रतिशत पालन क्षेत्र पंचायतों को करना होगा।
बैठक में पास कराना होगा काम, लेनी होगी स्वीकृति
क्षेत्र पंचायतों को मनरेगा से काम कराने के लिए बैठक में प्रस्तावों को पास करना होगा। इसके बाद कार्यों की स्वीकृति संबंधित अधिकारियों से लेनी होगी। ब्लॉकों में तैनात अवर अभियंताओं से प्रस्तावों को तैयार कराने के साथ ही उनका मापांकन भी कराया जाएगा।
लेकिन कार्यदायी विभाग नहीं करा रहे काम
मनरेगा के कार्यदायी विभागों को भी काम कराने के आदेश हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक कोई प्रस्ताव पास कराने के लिए नहीं आए हैं। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों को मनरेगा से काम कराने के निर्देश हैं। इसके लिए सीडीओ ने पहले से निर्देश दिए हैं, लेकिन कार्यदायी विभाग मनमानी पर अमादा हैं।
क्षेत्र पंचायतें मनरेगा से अपने-अपने ब्लॉकों के गांवों में विकास कार्य करा सकेंगी। इसके लिए सीडीओ के स्तर से सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। कार्यों से संबंधित जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन्हें तत्काल पास किया जाएगा।
- रविशंकर पांडेय, उपायुक्त मनरेगा