मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें यूपी कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग के गठन सहित एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में यूपी लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए आयोग के गठन का एलान किया था। बैठक में आयोग का नाम फाइनल करते हुए इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत आयोग गठित होगा। मिर्जापुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए केंद्र सरकार को जमीन फ्री में देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। यूपी राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम-2004 में संशोधन भी प्रस्तावित है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम में हाईकोर्ट के आदेश से कार्यरत कर्मियों को छठा वेतनमान देने का फैसला हो सकता है। आबकारी नीति-2020-21 में भी कोविड-19 के मद्देनजर कुछ संशोधन किए जाने की संभावना है।
वहीं मुरादाबाद में लॉकडाउन के कारण अपने जिले में लौटने वाले 10 हजार प्रवासी श्रमिकों सहित करीब साठ हजार श्रमिकों को रोजगार दिया गया। प्रवासी श्रमिकों और जॉबकार्ड धारक मजदूरों को अपने ही जिले में काम उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अभियान के तहत सोमवार को जिले की सभी ग्राम 584 ग्राम पंचायतों में से 556 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य कराए गए। जिसमें करीब दस हजार प्रवासी श्रमिकों समेत 60140 श्रमिकों ने काम किया। कहीं झील को सुंदर बनाने का काम हुआ तो कहीं ऊबड़-खाबड़ भूमि समतल करने का काम किया गया।