लखनऊ। नगर विकास विभाग में तैनात रहे विशेष सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से जालसाजों ने 21 लोगों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया। मामले में विशेष सचिव ने हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है। फर्जी आदेश उस वक्त जारी किया गया जब विशेष सचिव का तबादला हो चुका था।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में पूर्व में उदयभानु त्रिपाठी बतौर विशेष सचिव तैनात थे। 11 जुलाई को उनका तबादला आबकारी विभाग में हो गया था। जिसके बाद 16 दिसंबर को नगर विकास विभाग के अनु सचिव मोहम्मद वासिफ ने फोन कर बताया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर से जारी 21 लोगों की नियुक्ति आदेश का पत्र व्हाट्सएप पर मिला है। वासिफ ने फर्जी नियुक्ति आदेश पत्र उदयभानु त्रिपाठी को भेजा। जिसमें 26 जुलाई 2023 की तारीख थी, जबकि उनका तबादला 11 जुलाई को ही हो चुका था। जालसाजों ने उदयभानु त्रिपाठी के नाम और फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 21 लोगों को नगर निकायों में तैनात करने का आदेश जारी किया था। जबकि इस तरह की नियुक्ति का आदेश शासन स्तर से जारी भी नहीं होता है। विशेष सचिव ने रविवार को हजरतगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।