आयोग के निर्देश पर राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट का भी सहयोग लिया जाएगा। निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन एक सितंबर को होगा। सभी बूथों पर सूची को पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके बाद 13 सितंबर, 10 व 24 अक्तूबर को विशेष बूथ दिवस का आयोजन होगा।
इसमें मतदान केंद्र के पोलिंग बूथ पर बीएलओ व सुपरवाइजर की मौजूदगी में नए पात्र का नाम जुड़वाने, पुरानी सूची की गलती दूर कराने, मृतक व माइग्रेट हो गए वोटरों के नाम सूची से हटाने को फॉर्म-6 से फॉर्म-8 भरवाए जाएंगे।
सूची से डुप्लीकेट नाम हटाने के लिए एक 31 अक्तूबर तक दावे प्राप्त किए जाएंगे। इनका निस्तारण 10 नवंबर तक होगा। पूरक सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर को और पुनरीक्षण बाद चुनाव में उपयोग आने वाली अपडेट पुनरीक्षित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी को होगा।
13 सितंबर, 10 और 24 अक्तूबर को ग्राम सभाओं, नगर निकायों और रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी की बैठक कर विशेष अभियान चलेगा। बूथ लेवल एजेंटों का विशेष अभियान 9 व 23 सितंबर 7, 14 और 28 अक्तूबर को चलेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा क्षेत्रवार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी नामित कर सूची जारी की। इसमें ग्रामीण इलाकों से जुड़े तीन विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के बतौर संबंधित एसडीएम और शहरी क्षेत्र की छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए एसीएम स्तरीय अधिकारियों को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाया है। पुनरीक्षण अभियान के बारे में जन जागरूकता को स्कूल-कॉलेजों के स्तर पर वोटर क्लब गठन की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में हैं।
एनएसवीपी पोर्टल पर क्लिक करने के बाद शहर और विधानसभा का ऑप्शन चुनना होगा। यहां फॉर्म-6 उपलब्ध होगा। आवेदक को इसमें अपना नाम, पता, जन्मतिथि, निवास और आधार आईडी दर्ज कराने के साथ जरूरी प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी लगाना होगी। पोर्टल पर आवेदक का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करना जरूरी होगा ताकि सत्यापन के बाद वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किए जाने का अलर्ट भेजा जा सके।