प्रदेश के नगर विकास मंत्री मो. आजम खां की अपने कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अब राजभवन पहुंच गया है।
आरटीआई ऐक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने यह मामला राजभवन पहुंचाया है।
उन्होंने इस मामले में राज्यपाल बीएल जोशी से हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि यह मामला गंभीर है, इसकी जांच कराकर दोषियों को दंड दिया जाना चाहिए।
आरटीआई ऐक्टिविस्ट ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि आजम खां के व्यवहार से परेशान होकर उनके स्टाफ ने बगावत कर उनके साथ काम करने से इन्कार कर दिया है।
आजम से शिकायत, आपका गलत व्यवहार
उनके निजी सचिव व अतिरिक्त निजी सचिव ने शासन को पत्र लिखकर अपने-अपने स्थानांतरण की मांग की है।
साथ ही सचिवालय के सभी निजी सचिव और अपर निजी सचिवों ने आजम के साथ काम करने से मना कर दिया है। आजम के दुर्व्यवहार का यह मामला कोई नया नहीं है।
इससे पहले भी नगर विकास के प्रमुख सचिव सीबी पालीवाल व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार भी आजम के दुर्व्यवहार के शिकार हो चुके हैं।
वर्तमान में सामने आया मामला बेहद गंभीर है। इसमें खुद मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।
उर्वशी ने कहा कि किसी से भी कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं दिख रही है। इसलिए राजभवन को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
जिसकी भी गलती हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह से प्रदेश की धूमिल हो रही छवि को बचाना चाहिए।
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