सेकुलर मोर्चा के गठन की घोषणा के बाद से सपा की राजनीति गरमाई हुई है। मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव भी सोमवार को इसमें कूद गईं। उन्होंने कहा कि अखिलेश भैया को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।
इस बीच शिवपाल सिंह यादव ने दोपहर में मुलायम से उनसे मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक हालात और सेकुलर मोर्चे के गठन को लेकर चर्चा की।
अभी तक मुलायम परिवार में शिवपाल ही अखिलेश से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़कर मुलायम का सम्मान वापस करने की मांग उठाते रहे हैं। वे बार-बार याद दिला रहे हैं कि अखिलेश ने मुलायम सिंह को अध्यक्ष पद सौंपने के लिए तीन माह का समय मांगा था लेकिन पांच महीने बाद भी वे अपना वादा पूरा नहीं कर रहे हैं।
मुलायम के आवास पर की चर्चा
मुलायम सिंह यादव व शिवपाल सिंह यादव
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मुलायम को सम्मान दिलाने के लिए ही शिवपाल ने मुलायम की अध्यक्षता में सेकुलर मोर्चे के गठन का एलान किया था। सोमवार दोपहर शिवपाल ने मुलायम के आवास पर जाकर पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर चर्चा की।
बताया कि किस तरह उनके समर्थकों को सपा से निष्कासित किया जा रहा है। उन्होंने सेकुलर मोर्चे के स्वरूप की जानकारी भी मुलायम को दी।
उधर, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा ने कहा कि अखिलेश भैया वादे पूरे करने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए उन्हें अपने वादे के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद नेताजी (मुलायम) को सौंप देना चाहिए।
दीपक ने अखिलेश से पूछा, मेरा कुसूर क्या है, मुझे बता दो
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
चिंतन सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र ने अपने निष्कासन पर अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। इसकी शुरुआत उन्होंने एक शेर से की है, ‘मेरे जुर्म की जो चाहे सजा दो मुझको, मेरा कुसूर है क्या? इतना तो बता मुझको।’
उन्होंने कहा, मैंने 20 साल के सार्वजनिक जीवन में 20 रुपये और 20 ईंट भी घर-परिवार को नहीं दिया। बसपा के खिलाफ हर संघर्ष में अग्रिम पंक्ति में रहा हूं। मेरे जैसे प्रतिबद्ध व ईमानदार समाजवादी का निष्कासन दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
मिश्र ने कहा, पांच साल की सत्ता के दौरान ठेका, पट्टा, स्थानांतरण उद्योग, खनन जैसे धनोन्मुखी गतिविधियों से दूर रहा। यदि आपसे कभी कुछ मांगा हो, मुझे सत्ता के दौरान कोई भी आर्थिक लाभ दिया गया हो, तो सार्वजनिक करें ताकि उसे लौटाकर मैं उऋण हो सकूं।
निंदुरा ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर निष्कासित
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अनुमति से पार्टी विरोधी कार्यों में संलिप्त रहने पर बाराबंकी के निंदुरा ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर को 6 वर्ष के लिए सपा से निष्कासित कर दिया गया है।