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भाजपा से गठबंधन होगा, विलय का प्रश्न नहीं : अनुप्रिया

Sun, 07 Aug 2016 01:32 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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अनुप्रिया पटेल - फोटो : mirzapur
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री और अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का कहना है कि यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। केंद्र से मिलने वाले धन का सदुपयोग नहीं हो रहा। वे कहती हैं, प्रदेश की जनता बसपा के भ्रष्टाचार और सपा के जंगलराज से मुक्ति चाहती है।
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अपना दल और भाजपा का गठबंधन इन दलों का विकल्प है। अपना दल के भाजपा में विलय की अटकलों को वे सिरे से खारिज करती हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद शनिवार को पहली बार लखनऊ आईं अनुप्रिया से ‘अमर उजाला’ ने बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश :

सवाल - मोदी सरकार में आपको चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यूपी के लिए क्या खास करने जा रही हैं?

जवाब- यूपी के लिए अभी मोदीजी ने गोरखपुर में एम्स की सौगात दी है। इसे 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रायबरेली में एम्स जल्द शुरू होने वाला है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई जाएंगी। केंद्र सरकार की योजनाओं, नेशनल हेल्थ मिशन के कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा।
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'केंद्र के भेजे पैसे का यूपी में नहीं हो रहा है सदुपयोग'

- फोटो : amar ujala
सवाल - प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में आपकी क्या राय है? इसे मजबूत बनाने में आप कैसे मददगार बनेंगी।

जवाब-  डॉक्टर्स और स्टाफ की नियुक्ति करना, उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना राज्य सरकार का काम है। बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं गांव स्तर पर सब सेंटर से शुरू होती है, इसके बाद पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल आते हैं। केंद्र की योजनाओं से इन्हें सुदृढ़ किया जा सकता है। केंद्र पैसा भेज रहा है, लेकिन यूपी में इसका सदुपयोग नहीं हो रहा। इसीलिए स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं।

सवाल - आपकी पार्टी में झगड़ा चल रहा है। इसका चुनाव पर कितना असर पड़ेगा?

जवाब- पूरी पार्टी हमारे साथ खड़ी है। हम भाजपा से गठबंधन करके अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। पार्टी के विवाद का चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सवाल - आपकी मां कृष्णा पटेल को कौन भड़का रहा है? बहन पल्लवी पटेल आप पर क्यों आक्रामक हैं?

जवाब- देखिए, जब किसी दल की ताकत बढ़ती है तो विरोधी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसी ताकतों ने ही विवाद पैदा किया है। जहां तक बहन पल्लवी पटेल का सवाल है तो उन्हें मुझ पर हमला करने के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर काम करना चाहिए।
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'यूपी में नीतीश कुमार का कोई जनाधार ही नहीं'

सवाल - दूसरे सांसद कुंवर हरिवंश सिंह भी आपकी माताजी व बहन के साथ हैं?

जवाब - हरिवंश अपना दल से चुनाव जीते थे। वे जिन लोगों (मां व बहन) के साथ हैं, वे एनडीए से नाता तोड़ चुके हैं। ऐसे में हरिवंश को साफ करना चाहिए कि वे एनडीए के साथ हैं या नहीं?

सवाल - आपकी पार्टी के भाजपा में विलय की अटकलें चल रही हैं?

जवाब - विरोधियों ने हमारे समर्थकों को भ्रमित करने के लिए विलय का शिगूफा उछाला है। वे हमारी ताकत से भयभीत हैं?

सवाल - विधानसभा चुनाव में अपना दल, एनडीए की क्या संभावनाएं देख रही हैं?

जवाब - प्रदेश की जनता सपा के गुंडाराज व जंगलराज और बसपा के भ्रष्टाचार से उकता चुकी है। इस दौरान न औद्योगिक विकास हुआ और न रोजगार सृजन। शिक्षा, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में भी सुधार नहीं हुआ। मुझे लगता है कि इनसे त्रस्त यूपी की जनता राजनीतिक विकल्प तलाश रही है। यह विकल्प अपना दल-भाजपा गठबंधन होगा।

सवाल - प्रदेश में नीतीश कुमार की सक्रियता बढ़ी है, उनकी भी नजर कुर्मी, पिछड़े वोटों पर है?

जवाब- नीतीश का यूपी में कोई जनाधार नहीं है। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी वैसी ही भूमिका होगी जैसी मुलायम सिंह और सपा की बिहार में रही थी।
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