मरीज रोहित और उसका पर्चा, जिस पर डॉक्टर ने एएसवी न होने की बात लिखी।
लखनऊ। केजीएमयू में सर्पदंश के मरीजों को मुकम्मल इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह यह है कि यहां एंटीवेनम वैक्सीन का संकट है। मरीजों का अधूरा इलाज करके जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे मरीजों की हालत गंभीर हो रही है। सोमवार को दूसरे जनपद से आए दो मरीजों को पर्चे पर वैक्सीन न होने की बात लिखकर रेफर कर दिया गया।
सीतापुर निवासी रोहित (24) को सोमवार तड़के सांप ने डस लिया था। हालत बिगड़ी तो परिजन पहले सीतापुर जिला अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर केजीएमयू रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। यहां पर्चा बनाने से लेकर मरीज को अंदर ले जाने में करीब आधा घंटा बीत गया। कैजुल्टी से मरीज को मेडिसिन विभाग में भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने पर्चे पर एंटीवेनम न होने की बात लिखकर बलरामपुर रेफर कर दिया। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया है। मरीज की हालत नाजुक बनी है।
इसी तरह बहराइच निवासी बिटाना (24) को सांप ने सोमवार सुबह डस लिया। परिजन जिला अस्पताल बहराइच ले गए। वहां डॉक्टरों ने एंटीवेनम की डोज देकर ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजन दोपहर में मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। बिटाना के पर्चे पर डॉक्टरों ने एंटीवेनम की उपलब्धता न होने की बात लिखकर बलरामपुर अस्पताल भेज दिया। दोनों मरीज बलरामपुर में भर्ती हैं।
मरीज रोहित और उसका पर्चा, जिस पर डॉक्टर ने एएसवी न होने की बात लिखी।