हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सहायक शिक्षक भर्तियों की नियुक्तियां अपने निर्णय के अधीन कर दिया है। खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश सोनिका देवी की याचिका पर दिया। सोनिका ने अपनी उत्तर पुस्तिका बदले जाने का अंदेशा जताया था, जो 31 अगस्त को जांच में सही पाया गया।
बचाव में सरकार ने तीन बातें कहीं
1. पुर्नमूल्यांकन का मौखिक आश्वासन
महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने जस्टिस इरशाद अली के समक्ष मौखिक रूप से बताया कि सभी अभ्यर्थियों का पुर्नमूल्यांकन शुरू कर दिया गया है।
2. 12 और उत्तर पुस्तिकाओं में मिली गड़बड़ी
बार-कोड जांच में अब तक 12 उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों का हेरफेर सामने आया है। पूरी चयन प्रक्रिया को फिर से जांचा जा रहा है।
3. जांच कमेटी बनाई
सरकार ने कमेटी बनाकर चयन प्रक्रिया से जुडे पूरे मामले की जांच करा रही है। हालांकि मौखिक कथन और जवाबों पर हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं दिखी। उसने सरकार को तीन दिन में इस सबंध में हलफनामा दायर करने को कहा है।
हाईकोर्ट में महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने साफ कहा कि इस मामले में जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है, उनके खिलाफ सरकार उचित कानूनी कार्रवाई करने जा रही है।