निगोहां। थानाक्षेत्र के मस्तीपुर गांव में बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मासूम अंश का शव जैसे ही घर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। शव से लिपटी विधवा मां हाथों में नए कपड़े लिए बिलखते हुए यही कह रही थी कि आज अंश के जन्मदिन को मनाकर उसकी लंबी उम्र के लिए ऊपर वाले से मन्नत मांगनी थी, लेकिन वह कितनी अभागी मां है कि बेटे की अर्थी विदा करनी पड़ रही है। उसे देखकर हर आंख नम थी।
निगोहां मस्तीपुर गांव की रहने वाली पूनम के पति नरेश ने ढाई साल पहले आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से पूनम अपने बेटे अंश (12) व आदर्श (8) के पालन-पोषण के लिए पीजीआई क्षेत्र में लोगों के घरों में काम करती थी। रोज की तरह मंगलवार सुबह भी बच्चों के लिए खाना बनाकर निकल गई थी और जब शाम चार बजे घर लौटी तो बेटा अंश कमरे में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटक रहा था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव आने के बाद खेत में अंश का अंतिम संस्कार बाबा राम गुलाम ने किया।
बाबा की बाइक क्षतिग्रस्त होने से डरा था अंश
गांव के लोगों ने दबी जुबान से बताया कि अंश के बाबा रामगुलाम रायबरेली के सोनहरा गांव अपनी ससुराल में रहते हैं। मंगलवार को मस्तीपुर गांव आए थे और अपनी बाइक मस्तीपुर में खड़ीकर पेशी के लिए शहर चले गए थे। बाइक चलाने की खुशी में अंश मंगलवार को स्कूल भी नहीं गया था। बाबा मां के जाने के बाद उसने बाइक चलाई। इस दौरान बाइक बिजली के पोल से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। अंश इसी बात से दहशतजदा था कि जब बाबा और मां को पता चलेगा तो डांट मिलेगी। उसके बाद मंगलवार शाम उसका शव लटका मिला। थानाध्यक्ष अनुज तिवारी ने बताया अंश की मौत का कारण पता किया जा रहा है।