लखनऊ। विभूतिखंड निवासी मंसूर अली ने चोला मंडलम के शाखा प्रबंधक और कार्यालय प्रभारी पर उनके दस्तावेज लगाकर किसी अन्य को स्कूटी फाइनेंस करने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर विभूतिखंड पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मंसूर के मुताबिक वर्ष 2024 में उन्हें लोन की जरूरत थी। इसलिए दो अगस्त 2024 को जब उन्होंने सिबिल स्कोर देखा तो पता चला कि उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिये पहले से किसी ने चोला मंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी से लोन ले रखा है। किस्त न भरे जाने पर उनका सिबिल भी खराब हो गया है। जब उन्होंने विभूतिखंड में शालीमार कॉर्पोरेट पार्क स्थित कंपनी के दफ्तर में संपर्क किया तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। 18 सितंबर को नोटिस देने पर भी सही जवाब नहीं मिला। फिर अगले माह आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत तो पता चला कि कंपनी ने उनके दस्तावेज से किसी और के नाम स्कूटी फाइनेंस कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि फर्जीवाड़े में शाखा प्रबंधक और कार्यालय प्रभारी शामिल हैं। उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। पुलिस की एक टीम कंपनी से संपर्क कर रही है।
2024 में युवती ने दी थी आत्महत्या की धमकी
मंसूर की तरह ही एक युवती ने भी कंपनी पर उनके दस्तावेज का इस्तेमाल कर किसी और को स्कूटी फाइनेंस करने का आरोप लगाया था। सुनवाई नहीं होने पर 17 अगस्त 2024 को युवती ने कंपनी के दफ्तर में खुद के आग लगाकर जान देने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया था।
एग्जीक्यूटिव व एक अन्य आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार
विभूतिखंड पुलिस चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव सुलतानपुर के नवीन मंडी में रहने वाला शशांक श्रीवास्तव और उसके साथी हरिनेश को गिरफ्तार कर चुकी है। एमजीएस सेल्स के जीएम ने ग्राहकों के दस्तावेज के जरिये लोन लेकर दूसरों को वाहन बेचने का आरोप लगाते हुए शशांक सिंह, हरिनेश भटनागर, राम नारायण, सत्येंद्र कुमार और भुपिन कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जानकारी के मुताबिक कंपनी पर तीन और केस दर्ज हो चुके हैं।