रामलला के मंदिर में दीपावली के दूसरे दिन लगा छप्पन भोग
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सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं, लगे कुटिया भी गुलशन सी प्रभु श्री राम आए हैं। राम नगरी अयोध्या में भगवान श्री राम के आगमन को लेकर शुरू हुई दीपावली की परंपरा आज भी प्रत्येक वर्ष बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। दीपावली के दूसरे दिन 492 वर्ष बाद पहली राम जन्मभूमि परिसर के अस्थाई मंदिर में विराजमान भगवान श्री राम लला को भी छप्पन भोग लगाकर आरती उतारी गई।
इस अन्नकूट महोत्सव का हजारों वर्षों के बाद पहला मौका है, जब भगवान श्री राम लला सुंदर भवन में बैठकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग ग्रहण करते दिखे। हालांकि यहां के अन्य सभी मठ मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव के आयोजन में हर वर्ष की तरह धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर भगवान की आरती व भजन के बाद भोग लगाया गया।
पुराणों में ऐसी मान्यता है कि 14 वर्ष का वनवास पूरा कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जब अयोध्या पहुंचे तो उनके अयोध्यावासियों ने दिवाली मनाई थी। दिवाली के दूसरे दिन अयोध्यावासियों ने उन्हें छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया, तब से यह परम्परा चली आ रही है। लेकिन मुगलों के हमने के बाद से अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में यह आयोजन ठप था। 492 साल बाद रविवार को फिर भगवान श्री रामलला सुंदर भवन में अन्नकूट मनाया गया।
रामजन्म भूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि अन्नकूट पर छप्पन प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाए जाने की परंपरा सदियों पुरानी है। दीपावली के दूसरे दिन अयोध्या के मंदिरों में यह परंपरा मनाई जाती है। ऐसा मौका हजारों वर्षों के बाद आया है जब सुंदर भवन में भगवान को अन्नकूट के मौके पर 56 भोग लगाया गया।