लाइसेंसी शस्त्र दुकानों की आड़ लेकर नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वालों की बची हुई कड़ियां भी जल्द खुल जाएंगी।
एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए शस्त्र विक्रेता अनिल जैन व अमित पाल सिंह की 36 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड कोर्ट ने मंजूर कर दी है।
एटीएस को उम्मीद है कि जेल में बंद बंटी सिंह उर्फ मोनू और फरार चल रहे शिवानंद शेट्टी समेत तमाम कड़ियों के बारे में अहम जानकारियां मिलेंगी।
आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने बताया कि अनिल जैन व अमित पाल सिंह की कस्टडी रिमांड मिल गई है। अनिल जैन की गिरफ्तारी के दौरान भी एटीएस को उससे कई अहम जानकारियां मिली थीं।
अनिल जैन ने बताया था कि करीब एक लाख कारतूसों की खेप अकेले राजधानी लखनऊ से नक्सलियों को सप्लाई की गई। अनिल जैन ने ही एल्विन डीसा और शिवानंद शेट्टी को यूपी के शस्त्र विक्रेताओं से मिलवाया था।
एटीएस डीसा को तो गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन शेट्टी अभी भी उसकी पकड़ से दूर है। एटीएस को उम्मीद है कि अनिल जैन से पूछताछ में शेट्टी के बारे में अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।
इसके अलावा पंजाब में जेल में बंद कुख्यात असलहा तस्कर बंटी सिंह उर्फ मोनू और उसके नेटवर्क के बारे में भी अहम जानकारियां मिल सकती हैं। क्योंकि मोनू और अनिल जैन में करीबी संबंध रहे हैं।
नक्सलियों तक एक लाख कारतूस पहुंचाने की डील मोनू ने ही कराई थी। इसमें राजधानी के शस्त्र विक्रेता गुरबचन की अहम भूमिका थी। उसके राजधानी गन हाउस के जरिए ही यह सप्लाई हुई थी।
बतातें चलें कि एटीएस ने शुक्रवार को अनिल जैन को गिरफ्तार किया था। अनिल शस्त्र विक्रेता है। एटीएस इस मामले में एलविन डीसा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।