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धरने से रोके जाने से नाराज महिलाएं गोमती नदी में कूदीं

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अपनी मांगों व बाल विकास पुष्टाहार निदेशालय इंदिरा भवन पर धरने पर रोक लगाए जाने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मंगलवार को गोमती नदी में कूद गईं। इसमें एक आंगनबाड़ी की पानी में डूबने से हालत बिगड़ गई जिसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
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यहां उपचार के बाद उसे वापस कर दिया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई जिसको लेकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।

मंगलवार को राज्य कर्मचारी का दर्जा व मानदेय दस हजार करने की मांग को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों राजधानी पहुंच गई। प्रदेश के इलाहाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़ आदि जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इंदिरा भवन स्थित बाल विकास पुष्टाहार निदेशालय के बाहर जमा हो गई, लेकिन यहां आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रुकने नहीं दिया।

उनका बनाया गया स्टेज व टेंट हटवा दिया गया। उन्हें जबरन बसों में बैठाकर लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे नाराज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लक्ष्मण मेला मैदान पहुंच गई और नाराजगी जताते हुए नारेबाजी करने लगीं।
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नाराज महिलाएं कूदने लगीं गोमती में

इसी बीच प्रतापगढ़ की सरला पाल व कौशांबी की रेनू नदी के तरफ भागीं और गोमती में कूद गई। इनके अलावा इलाहाबाद की सरोज श्रीवास्ताव,  ममता देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां के साथ सहायिका स्मिता भी नदी में कूद गईं।

इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने बताया कि इंदिरा भवन स्थित निदेशालय के बाहर होने वाले इस पूर्व घोषित कार्यक्रम को जबरन बदल कर प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन को रोकने के प्रयास से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां काफी नाराज हो गई। जिससे इस तरह की घटना हुई। उन्होंने कहा कि सरकार व विभाग जितना भी प्रयास कर ले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

वे अपनी मांग को लेकर लगातार अनिश्चित कालीन अनशन का इरादा कर चुकी हैं। अब अगर मांग पूरी नहीं होगी तो राजधानी में आंदोलन जारी रहेगा।
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