कुपोषण को रोकने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वच्छता की सुनिश्चितता आवश्यक है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गैस कनेक्शन, बर्तन, बच्चों के बैठने के लिए आसन की व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए संस्थानों को कुपोषित और टीबी ग्रस्त बच्चों के साथ पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को भी गोद लेना चाहिए। यह बातें राज्यपाल एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को राजभवन स्थित गांधी सभागार में विवि की ओर आयोजित कुपोषित एवं टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहन कार्यक्रम के दौरान कहीं।
राज्यपाल ने कहा कि संस्थान आंगनबाड़ी केंद्र पर बर्तन, आसन, खिलौने और पुस्तकें उपलब्ध कराएं। जिन संस्थानों ने गांव गोद लिए हैं वह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें, जिससे ड्रॉप आउट बच्चों के प्रतिशत को नियंत्रित किया जा सके। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि इस आयोजन में लखनऊ के 26 निजी संबद्ध संस्थानों की ओर से 260 कुपोषित एवं 260 टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लिया गया है।
जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में पोर्टल बनाकर इन बच्चों की मॉनीटरिंग की जाएगी। एसीएस, प्राविधिक शिक्षा राधा एस चौहान ने कहा कि यदि ऐसे बच्चों को गोद लेकर उनके उत्थान के लिए काम करेंगे तो हम नयी पीढ़ी को स्वस्थ और समृद्ध बनाने में सफल होंगे। डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश ने कहा कि बच्चों की मॉनीटरिंग के लिए जिला प्रशासन की ओर से दो सदस्यीय कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई गयी है, जो संस्थानों से समन्वयन स्थापित करेगी।