लखनऊ। मरीज की सर्जरी के समय अब सिर्फ उसी अंग में एनेस्थीसिया दिया जाता है, जहां ऑपरेशन करना होता है। संजय गांधी पीजीआई में इस तकनीक का इस्तेमाल शुरू हुआ है। अब तक सौ सफल ऑपरेशन हो चुके हैं। यह तकनीक अपनाने वाला पीजीआई देश का चौथा संस्थान है।
संस्थान के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ संदीप खूबा ने बताया कि यह तकनीक केवल ऑपरेशन वाले हिस्से को सुन्न करती है। इससे मरीज ऑपरेशन के दौरान बात भी कर सकता है। सुजीत गौतम ने बताया कि इस विधि में कम बेहोशी की दवाएं देनी पड़ती हैं और वेंटिलेटर की जरूरत भी कम होती है। डॉ. तपस सिंह ने बताया कि यह तकनीक दिल और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि इसमें हृदय गति और रक्तचाप स्थिर रहता है। मरीज जल्द ठीक होता है। गुर्दा प्रत्यारोपण में भी इसका इस्तेमाल किया गया है।