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गैंगरेप, वसूली और आखिर तक सस्पेंस!

Sun, 23 Nov 2014 12:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो देवरों पर अपनी भाभी से गैंगरेप का आरोप लगाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा बड़ा ही चौंकाने वाला हुआ है। पुलिस जांच में आरोप पूरी तरह से झूठा निकला।
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महिला ने देवरों से दो लाख रुपये वसूलने के लिए अपनी आबरू लुटने की मनगढ़ंत कहानी बनाई। पोल खुल जाने के बाद उसने एफआईआर दर्ज कराने से भी इंकार कर दिया।

गैंगरेप के झूठे मामले कुछ लोगों को सच्ची घटनाओं पर भी उंगली उठाने का मौका देते हैं। गांव के लोग कह रहे हैं यदि पुलिस जांच किए बगैर कार्रवाई कर देती तो दो बेकसूर मुश्किल में फंस जाते।

महिला ने बागपत कोतवाली में सिर्फ गैंगरेप का ही नहीं, बल्कि अपनी हत्या के प्रयास का भी आरोप लगाया था। दोनों आरोपियों के बड़े भाई ने कहा उसकी पत्नी भैंस का दूध निकालने गई थी। उसके दो छोटे भाइयों ने पहले गैंगरेप किया। इसके साथ मारपीट की। इसके बाद फांसी लगाकर उसे जान से मारने का प्रयास किया।
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हड़पना चाहती थी दो लाख रुपये

इंस्पेक्टर कोतवाली केएम दोहरे ने कहा महिला ने गैंगरेप का आरोप लगाने के बाद देवरों से दो लाख रुपये की मांग की। वे दोनों जब रकम देने को तैयार हो गए, तो महिला ने तहरीर देने से ही इंकार कर दिया। इसके बाद जांच हुई तो यही बात सामने आई कि उसका इरादा देवरों से दो लाख रुपये हड़पने का था।

आरोपियों में से एक अविवाहित है। वह अपने मकान के हिस्से के दो लाख रुपये महिला के पति को नहीं दे रहा था। महिला ने उससे कई बार रुपये देने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद ही गैंगरेप की कहानी बनाई। उसने जिस भाई को दो लाख दिए, उसे भी आरोपी बता दिया। महिला अपना मेडिकल परीक्षण कराने को भी राजी नहीं हुई।

मुझे कुछ नहीं कहना है
पुलिस ने महिला से कई बार पूछा कि क्या वह रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती है? लेकिन वह मना करती रही। वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने उससे पूछा क्या उस पर कोई दबाव डाला गया है, उसने सिर्फ इतना कहा वह कुछ नहीं कहना चाहती है।
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