एक आईएएस अधिकारी हैं जो पिछले डेढ़ महीने में चार बार ट्रांसफर झेल चुके हैं। वे समझ नहीं पा रहे कि सरकार उनके साथ ऐसा सुलूक क्यों कर रही है?
मगर ब्यूरोक्रेसी में इसको लेकर एक ऐसी चर्चा फैली जो उनके लिए खासा तसल्लीबख्श हो सकती है। एक दूसरे आईएएस उनको ताश के पत्ते की तरह फेंटे जाने के पीछे भर्तियों को मानते हैं।
अफसर के मुताबिक दक्षिणी राज्य से ताल्लुक रखने वाले ये जनाब थोड़ा सख्त मिजाज हैं। काफी समय से जिस विभाग में थे, वहां भर्ती चल रही थी।
इसके बाद जिस विभाग में भेजे गए वहां भर्तियां शुरू होने वाली थीं। तीसरे विभाग में भेजे गए, वहां भर्ती फाइनल दौर में थी।
शायद आशंका रही हो कि अफसर मौजूदा हाल में होने वाली भर्तियों के लिए फिट नहीं हैं। ऐसे में थोड़े दिन आराम वाले विभाग में रह लें, यही अच्छा है।
हालांकि वे काम के धुनी हैं, लिहाजा वहां भी कुछ न कुछ करेंगे जो दिखता नजर आएगा।