फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिंदगीभर किसी की नौकरी करने से अच्छा 5 साल स्टार्टअप को दें: अमित शाह

Sat, 19 Nov 2016 05:36 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को लखनऊ के बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय में ‘यूपी के मन की बात‘ कार्यक्रम में ह‌िस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद युवाओं से कहा, देश कैसा हो ये आपको तय करना है। अम‌ित शाह ने कहा क‌ि वह चाहते हैं यूपी के युवाओं को रोजगार म‌िले।
विज्ञापन


हमारे लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं। लेक‌िन हमारा पूरा लोकतंत्र जात‌िवाद से घ‌िरा हुआ है। भारत के लोगों को जात‌िवाद से ऊपर उठना होगा।  ज्यादातर पार्ट‌ियां पर‌िवार की पार्ट‌ियां बन गई हैं, जहां बेटे के पैदा होते ही तय हो जाता है क‌ि पार्टी का नेता कौन होगा। पर बीजेपी में जात‌िवाद और पर‌िवारवाद नहीं।

उन्होंने कहा क‌ि जो परफॉर्म करेगा जनता उसी का साथ देगी। बीजेपी चाहती है जो परफॉर्म करे वही शासन करे। शाह ने कहा क‌ि युवाओं से बात करके बीजेपी एजेंडा बनाएगी। अम‌ित शाह ने कहा क‌ि यूपी पूरे देश की राजनीत‌ि तय करती है। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

नोट बंदी से मुरझाए व‌िपक्ष‌ियों के चेहरे

अमित शाह - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा क‌ि नोटबंदी से कालाधन समाप्त होगा। मोदी सरकार ने कालाधन रखने वालों पर प्रहार क‌िया है। शाह ने कहा क‌ि नोटबंदी से व‌िपक्ष‌ियों के चेहरे मुरझा गए हैं। कहा क‌ि बीजेपी ही यूपी की स्थ‌ित‌ि बदल सकती है।

व‌िपक्ष‌ियों पर न‌िशाना साधते हुए अम‌ित शाह ने कहा, सोनभद्र, बल‌िया  और देवर‌िया जाकर गरीबी का अहसास हुआ। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंककर पर‌िवर्तन कीज‌िए।

बीबीडी में अम‌ित शाह ने स्टूडेंट्स के सवालों का जवाब द‌िया और कहा, हम सभी को रोजगार देना चाहते हैं लेक‌‌िन ये राज्य सरकार नाम की व्यवस्था सुधर जाए। वह स्टार्टअप के पक्ष में बोले क‌ि हो सकता है क‌ि अपना रोजगार शुरू करने में कुछ साल बर्बाद भी हो जाएं लेक‌िन ज‌िंदगीभर क‌िसी की नौकरी करने से अच्छा है क‌ि स्टार्टअप में पांच साल दे द‌िए जाएं।

उन्होंने कहा क‌ि नौकर‌ियों में भी हम यूपी में ऐसी व्यवस्था करना चाहते हैं ज‌िससे युवा अपनी पत्नी के साथ एक ही राज्य में नौकरी करते हुए अपने मां-बाप की सेवा भी कर सके।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें