यूपी बीजेपी कार्यसमिति की दो दिन दिवसीय बैठक के आखिरी दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने सभी क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों से मुलाकात की। सीएम आदित्यनाथ योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य और दिनेश शर्मा ने शाह का जोरदार स्वागत किया वहीं उनकी मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में भी जोश दिखाई दिया।
मंच पर पहुंचकर शाह ने कहा, 2013 में जब मैं प्रभारी बनकर आया तो मैं कहता था कि 2014 में चुनाव इसलिए लड़ना है ताकि 2017 में सरकार बन सके। तब कार्यकर्ताओं में संशय था पर मेरी उम्र का लिहाज कर कुछ बोल नहीं पाते थे। बड़े उपहास भी उड़ाते थे लेकिन 2014 के परिणाम के बाद किसी को संशय नहीं था कि यूपी में सरकार बनेगी।
मोदी लहर की सुनामी में लोकसभा में 73 सीटें बीजेपी को मिलीं थीं। जीत के बाद एक भी दिन बीजेपी का कार्यकर्ता कुर्सी पर पैर पसारकर नहीं बैठता है। सिर्फ परिश्रम करते रहते हैं।
राजनीति उतार-चढ़ाव तो चलते रहते हैं। मीडिया ने उसको जोड़तोड़कर लिखा भी लेकिन लोग भूल गए थे कि बीजेपी देशभक्तों का संगठन है। अमित शाह ने कहा, जिन्होंने इस पार्टी की नींव डालने के लिए जीवन लगा दिया उन्हीं के तपोबल के आधार पर आज हम यहां हैं। जब हमें सफलता मिली है तो भी भाजपा कार्यकर्ताओं को विश्राम का अधिकार नहीं है। क्योंकि हम सरकार बनाने के लिए राजनीति नहीं करते। 10 लोगों से शुरू होने वाली पार्टी में 11 हजार कार्यकर्ता हैं।
शाह ने कहा, अभी भी जिस बूथ से विजय नहीं मिली उसे छोड़ें नहीं बल्कि मजबूत करें। कई बार विजय से कर्तव्यबोध का भाव आता है और कभी आलस्य भी आता है। हमारे कार्यकर्ताओं को विजय के साथ विनम्र बनना होगा और जवाबदेही भी होगी। हम सपा, बसपा के कार्यकर्ता नहीं है। सत्ता दबदबा बनाने के लिए नहीं होती।
हम किसी को एमपी, एमएलए या योगी जी को सीएम बनाने के लिए सत्ता में नहीं आए। हमें जनता के लिए काम करना है। 15 साल में एडमिनिस्ट्रेशन के चिथड़े उड़ाकर रख दिए गए। हर जगह गुंडई की गई लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को विनम्र होकर काम करना होगा। जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण देश के तीन नासूर हैं।
यूपी की जनता ने देश को इससे मुक्त करने का काम किया है। योगी जी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है वो सबका साथ सबके विकास को लेकर चल रही है।