दुकान पर भीड़ लगने पर आननफानन एसीबी टीम दोनों आरोपियों को वाहन में बैठाकर लखनऊ की ओर रवाना हो गई। हालांकि, कुछ देर बाद टीम दोनों को लेकर जामों थाने पहुंची, जहां बंद कमरे में करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद एसीबी प्रभारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
उपनिरीक्षक राजेश पाल फरवरी 2025 में इन्हौंना थाने में तैनात हुआ था। एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दरोगा और चाय दुकान संचालक की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। थाना जामो के इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपियों को टीम अपने साथ ले गई है।