अमेठी के बाजारशुकुल ब्लॉक क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायत की विकास निधि निजी फर्म के खाते में पहुंचने के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया है। अब तक लापता बताया जा रहे फर्म संचालक ने एक वीडियो बयान जारी कर पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया। फर्म संचालक ने प्रधान व सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम सहित अन्य अफसरों से जांच करवा कार्रवाई की मांग की है।
विकास खंड बाजार शुकुल की ग्राम पंचायत तेंदुआ, संसारपुर व खेममऊ ग्राम पंचायत को आवंटित 17 लाख 91 हजार 950 रुपये की निधि क्षेत्र में ही संचालित एक निजी फर्म के बैंक खाते में पहुंचने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की ओर से फरार बताए जा रहे फर्म संचालक ने वीडियो बयान जारी कर जमकर भड़ास निकाली है।
मामले में सचिव जितेंद्र कुमार ने निजी फर्म संचालक अमरेश गिरी पर थाने में केस दर्ज करवाया था। केस दर्ज करने के बाद से लापता फर्म संचालक अमरेश गिरी ने मंगलवार को अपना वीडियो बयान जारी किया है। बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में फर्म संचालक ने ग्राम प्रधान व सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी धन गबन करने की नीयत से जान बूझकर उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। पोर्टल से डोंगल से पेमेंट करवाते हुए उसके बाद भी अंजान बने रहते हैं।
आरोप है कि पहले डोंगल लगने पर सचिव के पास ओटीपी जाती है फिर दोबारा प्रधान का डोंगल लगने पर उसके मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाती है उसके बाद ही पेमेंट होता है। ऐसे में बिना ग्राम प्रधान व सचिव के जानकारी के भुगतान होना संभव नहीं है। वीडियो बयान में फर्म संचालक ने अपने को धर्म यात्रा पर होने की बात कहते हुए कहा कि उनके परिवार को परेशान न किया जाए। परिवार को कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदार इन्हीं लोगों की होगी।
फर्म संचालक ने डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ व एसएचओ बाजार शुकुल से मामले की निष्पक्ष जांच कर सचिव व प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो तकनीकि जांच समिति को भी जांच के दौरान डोंगल लगा पोर्टल से भुगतान करने की पुष्टि हुई है। अब सब लोगों की निगाहें डीपीआरओ स्तर से मामले में होने वाली कार्रवाई की टिकी है। टीम ने मंगलवार को अवकाश होने के कारण रिपोर्ट नहीं दी है।