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नेताओं के काफिले की तरह एंबुलेंस को मिलेगी खाली सड़क

Fri, 04 Sep 2015 02:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जाम में एंबुलेंस फंसने को लेकर एएसपी ट्रैफिक ने गंभीरता से लिया है। एएसपी ट्रैफिक ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी करके प्राथमिकता से एंबुलेंस को पहले निकाले जाने के निर्देश ट्रैफिक पुलिस को दिए हैं।
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इससे पहले एंबुलेंस चालक ट्रैफिक लाइन फोन घुमाकर मरीज को अस्पताल ले जाने का पता नोट कराएगा। उसी रूट पर ट्रैफिक पुलिस पहले से वीवीआईपी मूवमेंट की तरह रास्ता खाली कराकर प्राथमिकता से एंबुलेंस को निकलवाया जाएगा।

एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने बताया एंबुलेंस को किसी भी कीमत पर जाम में फंसने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सारी व्यवस्थाएं कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की सभी एंबुलेंस पर ट्रैफिक लाइन का नंबर लिखवाया जाएगा। एंबुलेंस चालक मरीज को अस्पताल ले जाने से पहले उस रूट का पूरा ब्यौरा ट्रैफिक लाइन में बताएगा।
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जहां से सेट पर उस रूट पर कार्यरत ट्रैफिक पुलिस को एक्टिव करके प्राथमिकता से एंबुलेंस को निकलवाया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक को भी रुकवाया जा सकता है। वहीं एएसपी ट्रैफिक ने सीएमओ को सुझाव दिया एंबुलेंस खाली होने पर चालक हूटर का प्रयोगन करे।
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लालबत्ती गाड़ी ने एंबुलेंस को नहीं दिया रास्ता

वहीं लखनऊ में लालबत्ती लगी गाड़ी ने एंबुलेंस को तीन किमी तक रास्ता नहीं दिया। एंबुलेंस सायरन बजाकर लगातार पास मांगती रही न लालबत्ती गाड़ी और न ही जनता ने उसे निकलने दिया।

नतीजा यह हुआ कि पांच मिनट की दूरी का सफर तय करने में एंबुलेंस को दस मिनट लग गए। बृहस्पतिवार दोपहर सीएमओ सीएमओ एसएनएस यादव व एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने बलरामपुर अस्पताल से लॉरी कार्डियोलॉजी तक एंबुलेंस में सवार होकर मॉकड्रिल कराया।

इस दौरान एएसपी ट्रैफिक ने जाम के व्यस्ततम चौराहों को चिह्नित किया। मॉकड्रिल में अफसरों ने जाम की जगहों की पहचान की। वहीं सड़क पर अतिक्रमण किए लोगों को हटाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।
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