बच्चे के शव को कंधे पर ले जाते माता-पिता
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व सुल्तानपुर जिले के प्रभारी मंत्री जयप्रताप सिंह के क्षेत्र में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है। सोमवार देर रात बुखार से दम तोड़ चुके मासूम बच्चे के शव को घर ले जाने लिए बेबस माता-पिता को एक अदद वाहन नहीं नसीब हुआ।
परिजन जिला अस्पताल में चिकित्सकों व एंबुलेंस चालकों के सामने मिन्नतें करते रहे, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। थक-हारकर माता-पिता ई-रिक्शा से कलेजे के टुकड़े का शव घर ले गए।
बल्दीराय थाना क्षेत्र के रामनगर गांव से दलित महेश कुमार सोमवार की रात बुखार से तप रहे 10 वर्षीय बेटे सचिन को 108 एंबुलेंस से पत्नी के साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। दंपती के साथ उनका पड़ोसी सुनील कुमार भी पहुंचा था।
दंपती बच्चे को एंबुलेंस से उतारकर इमरजेंसी कक्ष में लेकर पहुंचे, चिकित्सक ने जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक की बात सुनते ही दंपती फूट-फूटकर रोने लगे। दंपती के साथ अस्पताल पहुंचे सुनील कुमार ने जिला अस्पताल में खड़ी सरकारी एंबुलेंस से शव घर पहुंचाने की बात कही तो चालक ने कहा कि वह जिंदा को लेकर जाते हैं मुर्दा को नहीं।