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एंबुलेंस में गूंजी साढ़े नौ हजार किलकारियां

Tue, 24 Dec 2013 02:17 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश के 9644 परिवार ऐसे हैं जिनके यहां 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा खुशियां लेकर आईं। इस एंबुलेंस में अब तक साढ़े नौ हजार से अधिक नवजात की किलकारियां गूंज चुकी हैं।
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इनमें तीन परिवार तो ऐसे हैं जिनके यहां जुड़वां बच्चे पैदा हुए। दो परिवारों के यहां एक साथ तीन-तीन बच्चे इसी एंबुलेंस में हुए हैं।

बहरहाल, 15 महीने पुरानी इस एंबुलेंस सेवा का उपयोग करने वाले कुल रोगियों में 60 फीसदी गर्भवती महिलाएं हैं।

इमरजेंसी के दौरान मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए प्रदेश सरकार ने 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा शुरू की है। फिलहाल सूबे के सभी 75 जिलों में 988 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं।

108 नंबर पर कॉल करते ही यह एंबुलेंस सेवा निशुल्क प्रदेशवासियों को मिल जाती है। इमरजेंसी सुविधाओं से लैस इस एंबुलेंस सेवा की शुरुआत पिछले साल 14 सितंबर को हुई थी।
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अब तक 15 महीने में 17.66 लाख से अधिक मरीज इस एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल कर चुके हैं।

अब तक गर्भवती महिलाएं 9651 बच्चों को इसी एंबुलेंस में जन्म दे चुकी हैं। इनमें से प्रसव के कई मामले तो बेहद जटिल थे, लेकिन उन्हें भी एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवा दिया गया।

वहीं, 35 हजार बच्चे एंबुलेंस सेवा के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) की देखरेख में घरों में हुए हैं।

एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली कंपनी जीवेके ईएमआरआई के अधिकारी बताते हैं कि कई बार एंबुलेंस जब मौके पर पहुंचती है तो इतना समय नहीं होता कि प्रसूता को अस्पताल पहुंचाया जा सके। ऐसे में ईएमटी व आशा अपनी देखरेख में प्रसव करवा देते हैं।

कुल मरीजों में सड़क दुर्घटना के मात्र 10 फीसदी मरीजों ने ही इसका इस्तेमाल किया। अन्य इमरजेंसी के 15 फीसदी मरीजों ने इसका इस्तेमाल किया।

दो फीसदी मरीज ऐसे हैं जिन्हें दिल संबंधी बीमारी के कारण एंबुलेंस सेवा का उपयोग करना पड़ा। चार फीसदी मरीज बेहोशी की हालत वाले हैं। तेज पेटदर्द के पांच फीसदी मरीजों ने इस एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया है।
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