लखनऊ। फलपट्टी मलिहाबाद के अब्दुल सलीम को अंबिका प्रजाति के आम ने विशेष मान दिलाया। उन्हें प्रदर्शनी में प्रदर्शित हुए 8000 प्रजातियों में सबसे अच्छे अंबिका आम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श का पुरस्कार मिला। यही नहीं, विभिन्न श्रेणियों में उनके हिस्से कुल 21 पुरस्कार हाथ आए, जिनमें 11 श्रेणियों में उन्होंने प्रथम, 5 श्रेणियों में द्वितीय और 5 श्रेणियों में तृतीय पुरस्कार हासिल किए। बताया कि केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान की ओर से इस संकर प्रजाति को विकसित किया गया है। दूसरे नंबर पर मलिहाबाद के मुजासा गांव के इकबाल अहमद रहे जिन्हें प्रदर्शनी में प्रदर्शित आमों में दशहरी के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। यही नहीं विभिन्न वर्गों में 15 पुरस्कार भी झटके। बताया कि 2017 से हमारी दशहरी को प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार मिल रहा है। मलिहाबाद में सबसे ज्यादा उत्पादन दशहरी का होता है। 10 बीघा में दशहरी उगाते हैं।
सबसे ज्यादा प्रजातियों के प्रदर्शन में एससी शुक्ला रहे प्रथम
प्रदर्शनी में प्रदर्शित सबसे ज्यादा प्रजातियों के लिए गोमतीनगर के एसएसी शुक्ला को प्रथम पुरस्कार हासिल हुआ। उन्होंने प्रदर्शनी में 121 प्रजातियों के आमों का प्रदर्शन किया। बताया कि पिछले आठ साल से उन्हें सबसे ज्यादा प्रजातियों के आमोें के प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार मिल रहा है। 100 एकड़ में वह बागवानी करते हैं। मैंगो मैन के नाम से जाने जाने वाले पद्मश्री हाजी कलीमुल्ला को 72 प्रजातियों के प्रदर्शन के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। वहीं, प्रदर्शनी में 63 प्रजातियों के आमों के प्रदर्शन के लिए अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह का चयन किया गया। उद्यान विभाग के अफसरों ने उन्हें पुरस्कार के चयन की कोई सूचना ही नहीं दी। उन्होंने बताया कि वह प्रदर्शनी में ही डटे रहे उन्हें किसी अफसर ने कोई सूचना नहीं दी।
तकनीकी सत्र में प्रसंस्करण पर रहा जोर
तकनीकी सत्र में खाद्य प्रसंस्करण का महत्व व रोजगार सृजन में योगदान विषय पर चर्चा हुई। अध्यक्षता संयुक्त निदेशक डाॅ. सर्वेश कुमार ने की। सत्र में आर फ्रैंक के निदेशक सुजीत कुमार राजभर, उपनिदेशक एमपी सिंह, अनिल कुमार विमल, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एमसी तोम, डॉ. टी दामोदरन, डॉ. भानुप्रताप, नीति आयोग से डॉ. आशीष जाटव, दीपमाला वर्मा, डॉ. रिनी सिंह, पीएमएफएमई विशेषज्ञ सईदा ने अहम जानकारी दी।
बच्चों को भी मिला सम्मान
आम खाने की प्रतियोगिता में अरिक्ता सिंह, अनिका मिश्रा और अभिश्रेष्ठ को पुरस्कृत किया गया। बता दें कि दिवसीय महोत्सव में 58 वर्गों में 800 प्रजातियों के 2,853 आम प्रदर्शित किए गए जिसमें 1,449 प्रतिभागियों ने भाग लिया। महोत्सव में आम आइसक्रीम, आम जलेबी, आम रसगुल्ला, हलवा जैसे उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।