अकबरपुर के लोरपुर ताजन गांव के रहने वाले मनोज कुमार वर्ष 2019 में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे। शुरू में वह अपने परिवार से सामान्य बातचीत करते रहे लेकिन अप्रैल 2022 के बाद से उनका फोन आना अचानक बंद हो गया। इसके बाद से ही परिवार के लोग उनकी चिंता में लगातार परेशान हैं।
मनोज के बड़े भाई संजय कुमार ने बताया कि कई प्रयासों के बावजूद मनोज से कोई संपर्क नहीं हो पाया। छोटे बेटे की चिंता में पिता राम सूरत को ब्रेन हैमरेज हो गया और उनकी मौत हो गई। बेटे की चिंता और पति के गम में मां की भी तबीयत लगातार खराब रहती है। पूरे परिवार का जीवन चिंता और पीड़ा में बीत रहा है। मनोज को ढूंढने के लिए परिवार ने 21 मई को समाजसेवी सैयद आबिद हुसैन से संपर्क किया।
पीड़ित परिवार की आपबीती सुनने के बाद समाजसेवी ने विदेश मंत्रालय और संबंधित एंबेसी को पत्र भेजकर मनोज की जानकारी मांगी। 30 मई को एंबेसी की ओर से जवाब आया कि मनोज कुमार 18 सितंबर, 2024 को भारत लौट चुके हैं। यह सूचना मिलते ही पूरा परिवार स्तब्ध रह गया।
मनोज भारत आने के बावजूद परिवार से क्यों नहीं मिले, इसको लेकर सभी परेशान हैं। समाजसेवी आबिद हुसैन ने अधिकारियों से फिर से अपील की है कि वे मनोज की सही स्थिति और लोकेशन का जल्द से जल्द पता लगाएं, ताकि परिवार को राहत मिल सके।