अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार दोपहर एक घर में चार बच्चों की किसी भारी चीज से कूचकर हत्या कर दी गई। पुलिस आशंका जता रही है कि मां गासिया खातून ने शुक्रवार रात बच्चों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। बेसुध होने पर चारों की हत्या कर दी।
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इसके बाद कमरे को अंदर से बंदकर लापता हो गई। उधर, सऊदी अरब में रह रहे बच्चों के पिता ने फोन न उठने पर अपने रिश्तेदारों को मौके पर भेजा। खबर पाकर पुलिस पहली मंजिल के रास्ते घर में दाखिल हुई तो कमरे में चारों बच्चों के शव पड़े थे। डीआईजी सोमेन वर्मा, डीएम ईशा प्रिया, एसपी प्राची सिंह ने फोरेंसिक टीम के साथ जांच की। फिलहाल पुलिस को मां गासिया खातून पर ही चारों बच्चों की हत्या का शक है। घर में पड़े मिले मोबाइल की पुलिस जांच कर रही है।
महरुआ के कसड़ा निवासी नियाज ने मीरानपुर में अपनी पत्नी गासिया खातून के नाम पर जमीन लेकर चार वर्ष पूर्व मकान का निर्माण कराया था। यहां गासिया अपने बड़े बेटे शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बेटी बयान (8) के साथ रहकर उनकी परवरिश कर रही थीं। नियाज सऊदी अरब में नौकरी करता है। एसपी प्राची सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह 7:30 बजे दूधवाले ने दरवाजा खटखटाया। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर वह लौट गया। दोपहर तक बच्चों से फोन पर संपर्क न होने पर नियाज ने शहजादपुर निवासी भाभी बकीतुनिशा से बात की। इसके बाद रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचना दी। दोपहर तीन बजे पुलिस पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। पुलिस बालकनी पर चढ़कर घर में दाखिल हुई और किसी तरह मुख्य दरवाजा खोल गया। घर में पहली मंजिल पर बने कमरे में तख्त पर बच्चों के शव खून से लथपथ मिले।
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बच्चों के चाचा बोले अकेले गासिया नहीं दे सकती घटना को अंजाम
घटना के बाद रोती-बिलखती बड़ी मां।
- फोटो : अमर उजाला।
अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद मोहल्ले में हुई चार बच्चों की हत्या के मामले में उनके बड़े पापा सलीम का कहना है कि गासिया खातून अकेले चार बच्चों की हत्या को अंजाम नहीं दे सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कुछ और लोग भी शामिल है ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सलीम बताते हैं कि शुक्रवार को नियाज की अपनी पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी लेकिन ऐसी कोई स्थिति नहीं थी कि इस हत्याकांड को अंजाम दिया जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी हरेंद्र कुमार, सीओ सिटी नीतीश कुमार तिवारी इस पूरे घटनाक्रम की तहत जांच में जुटे रहे लेकिन अब तक महिला को कोई सुराग नहीं लग सका है। उधर दूसरी ओर चारों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करने की तैयारी रात 2:00 बजे तक चलती रही। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडे घटनास्थल और आसपास के इलाकों में देर रात गहन छानबीन भी कराई लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग सका है।
नियाज के बड़े भाई की तहरीर पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मीरानपुर में शनिवार को घर से मृत बच्चों को मर्चरी हाउस ले जाने के लिए वाहन में ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या के बाद देर शाम नियाज के भाई और बच्चों के बड़े पिता सलीम ने आरोपी महिला गासिया खातून के खिलाफ हत्या करने की तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि उनके भतीजों को महिला ने पहले खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया। इसके बाद उनकी हत्या कर दी। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
दीवार से लेकर बिस्तर तक मिले खूने के छींटे
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि दीवार से लेकर बिस्तर तक पर खून की छींटे फैले थे। कमरे में बच्चों के उल्टी करने के निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया और इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई।आशंका है कि बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किया गया है। हालांकि कमरे से कुछ मिला नहीं है। पुलिस ने चारों शवों को राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया। परिवार के लोगों से पूछताछ के साथ महिला की तलाश की जा रही है।
पाकिस्तानी महिला से कर लिया था निकाह
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि नियाज ने सऊदी अरब में एक पाकिस्तानी महिला से निकाह कर लिया था। तभी से गासिया खातून से उसकी अनबन चल रही थी। वह चार साल से घर नहीं लौटा था। वह तनाव में रहती थी। आशंका है कि वारदात के पीछे भी कहीं यह वजह न हो। जांच में प्रथम दृष्ट्या यह पता चल रहा है कि महिला ने ही अपने चार बच्चों की हत्या की और इसके बाद बालकनी से कूदकर भाग गई। वारदात के खुलासे के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं।
घटना से पूरे इलाके में हंगामा मचा हुआ है।
- फोटो : amar ujala
अपने चार मासूम बच्चों की हत्या करने वाली मां ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए किस स्तर तक साजिश की थी, इसकी बयानी उसके घर में मिले साफ बर्तन कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद पुलिस ने रसोई से लेकर घर के चप्पे-चप्पे को छान मारा। जांच के दौरान घर में बासी खाना नहीं मिला है। रात में भोजन के दौरान जिन बर्तनों का इस्तेमाल किया गया था उन्हें भी धोकर साफ कर दिया गया था। ऐसे में यह भी आशंका है कि इस पूरे घटनाक्रम को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया है।
शहर के मीरानपुर मुरादाबाद मोहल्ले के लोगों के मन में सवाल तो कई थे लेकिन रिश्तेदारों से लेकर पास पड़ोसियों ने चुप्पी साध रखी थी। घटना की जांच में पति-पत्नी और वो का एंगल भी होने की आशंका जताई जा रही है। आने वाले समय में इस घटना में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। नियाज का घर गली के आखिरी छोर पर बना हुआ है।
इस घर के दाएं-बाएं व सामने कोई नहीं रहता है। एक तरह से यह मकान वीरान गली में बना हुआ है। घटना की सूचना पर पहुंची डायल 112 की टीम ने जब घर का दरवाजा खोला तो पड़ोस में दुकान चलाने वाले इरशाद भी घर के अंदर दाखिल हुए। इरशाद के अनुसार जब वे कमरे में दाखिल हुए तो हर तरफ खून के धब्बे थे।
दीवार, जमीन और बिस्तर लाल हो चुके थे जो मासूमों के साथ ही गई बर्बरता को दर्शाने के लिए काफी थे। जांच के दौरान पुलिस को घर के पीछे नाले के पास एक बाइक लावारिस अवस्था में झाड़ियों में खड़ी मिली। हालांकि बाद में इसका मालिक आ गया था। आशंका है कि महिला के साथ घटना में कोई और भी शामिल हो सकता है। फिलहाल पुलिस महिला की कॉल डिटेल को खंगाल रही है।