मालीपुर क्षेत्र के आजनपारा गांव में सोमवार की सुबह दलित दंपती विष्णु लाल और द्रोपदी के शव चकरोड के किनारे मिले। महिला के गले, पीठ व पैर पर चोट के गंभीर निशान थे जबकि विष्णु के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। शौच गए ग्रामीणों ने शव देखकर घटना की सूचना परिजनों व पुलिस को दी। सीओ जलालपुर अनूप कुमार सिंह, फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल पर जांच की। फिलहाल पुलिस जंगली जानवर के हमले में मौत होने की आशंका जता रही है लेकिन वन विभाग इससे इन्कार कर रहा है। वहीं परिजन और ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं।
मालीपुर क्षेत्र के आजनपारा गांव निवासी विष्णु लाल (45) रविवार रात करीब नौ बजे अपनी पत्नी द्रोपदी (39) के साथ धान के खेत में पानी लगाने गए थे। पानी खोलकर दोनों वापस लौट आए थे और रात करीब एक बजे वह फिर से खेत गए थे। इसके बाद दोनों रातभर घर नहीं पहुंचे। सुबह करीब छह बजे शौच के लिए निकले एक ग्रामीण ने खेत से करीब 50 मीटर दूरी पर चकरोड के किनारे दोनों के शव पड़े देखे। सूचना मिलते ही मृतक विष्णु लाल के पिता रामकेवल समेत तमाम परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
रामकेवल के अनुसार विष्णु के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। वहीं द्रोपदी के गर्दन के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान थे जिनसे रक्तस्राव हो रहा था। इसके अलावा महिला के पैर और पीठ का मांस किसी जंगली जानवर ने खा लिया था। परिजन व ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं लेकिन अभी कोई तहरीर नहीं दी है। सीओ अनूप कुमार सिंह, थाना प्रभारी तनुज पाल, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड टीम ने घटनास्थल पर पड़ताल की। पुलिस की ओर से जंगली जानवर के हमले में मौत होने की आशंका पर डीएफओ जगदंबा प्रसाद के निर्देश रेंजर मुदित सिंह ने अपनी टीम के साथ जांच की। इस दौरान किसी सियार जैसे जानवर के पगचिह्न मिले हैं जिनके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। सीओ जलालपुर ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या जंगली जानवर के हमले में मौत होने की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।