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सत्ता संग्राम : 1989 में हुआ था कमाल... अब भी कायम है परमाई लाल की वो मिसाल

Wed, 13 Mar 2024 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा आनंद मिश्रा, हरदोई

सार

कमाल की यह मिसाल दिग्गज नेता रहे परमाई लाल ने कायम की थी। परमाई लाल की गिनती समाजवादी दिग्गज मुलायम सिंह यादव के घनिष्ठ लोगों में होती थी। किस्सा 1989 का है। 
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वर्ष 1989 में मुलायम के साथ परमाई लाल... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले की राजनीति में वर्ष 1989 में हुआ कमाल अब तक एक मिसाल है। कमाल की यह मिसाल दिग्गज नेता रहे परमाई लाल ने कायम की थी। परमाई लाल की गिनती समाजवादी दिग्गज मुलायम सिंह यादव के घनिष्ठ लोगों में होती थी। किस्सा 1989 का है।  तब लोकसभा चुनाव के साथ ही यूपी में विधानसभा चुनाव भी हुए थे। इस चुनाव में परमाई लाल हरदोई संसदीय क्षेत्र के साथ ही तत्कालीन अहिरोरी विधानसभा क्षेत्र से भी जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े थे। 

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जनता ने परमाई लाल पर खूब स्नेह बरसाया। उन्हें दिल्ली और लखनऊ दोनों जगह के लिए चुन लिया। दोनों सीटों में से एक सीट से परमाई लाल को इस्तीफा देना था। उन्होंने अपने करीबियों से िवचार-विमर्श किया और फिर मुलायम सिंह यादव से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी। 

मुलायम सिंह यादव ने उनके इस निर्णय को तब- ‘बड़े दिल के शख्स का बड़ा निर्णय’ बताकर सार्वजनिक रूप से तारीफ की थी। इसके बाद उन्हें लघु सिंचाई विभाग का राज्यमंत्री भी बना दिया था। उनके बेटे विपिन बिहारी भी 1989 में ही तत्कालीन हरियावां बावन विधानसभा सीट से जीते थे। 

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