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Amarujala Krishika 2024: सम्मान पाने वाले किसानों ने दी आत्मनिर्भरता की नई प्रेरणा, पढ़ें समृद्ध बनने की कहानी

Tue, 10 Dec 2024 09:53 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में सोमवार को अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से हुआ। इसका समापन शाम 5 बजे हुआ। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
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महिला किसान को सम्मानित करते सीएम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला की ओर से आयोजित कृषिका कार्यक्रम दौरान लखनऊ सहित कई जिलों किसानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान किसानों ने अपनी उपब्धियां बताते हुए ये बताया कि वह खुद तो आत्मनिर्भर बने ही हैं। साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

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पहले खेती करने के साथ-साथ नौकरी भी करनी पड़ती थी। अब हरी सब्जियों को उगाना शुरू किया तो रोजगार भी बढ़ा है और परिवार भी खुश है। हमने मचान विधि से कद्दू, परवल, लौकी का रिकार्डतोड़ उत्पादन किया है। इसके बारे में अन्य किसानो को भी जागरूक किया। -राजकुमार किसान मलिहाबाद लखनऊ

हमने सजावट के फूलों की खेती को बढ़ावा दिया है। इसमें पत्नी का भी बहुत सहयोग रहता है। इसमें जरबेरा फूल प्रमुख रूप से उगाते हैं। अब सजावट के लिए फूलों की डिमांड हर सीजन में बढ़ी है। इसके बारे में पहले विशेषज्ञों से परामर्श लिया उसके बाद शुरूआत की तो सफलता मिल गई। -उदय प्रताप सिंह किसान बीकेटी
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प्राइवेट नौकरी करना पंसद नहीं था। इसलिए खाली जमीन पर मधुमक्खी पालन का काम शुरू करके शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया है। शुरूआत में कम मुनाफा हुआ। अब कंपनियों से संपर्क हुआ तो मुनाफा भी बढ़ा है अपना काम करते हुए मनोबल भी बढ़ा है। लोगों को भी रोजगार दिया है। -आशतोष कुमार मधुमक्खी पालक किसान गोसाईगंज

पहले रोजगार का संकट था। छोटा सा लोन लेकर डेयरी लगाई थी इससे मेरा रोजगार बढ़ा है। चार लोगों को रोजगार भी मिला है। डेयरी के लिए खुद की गायें भी पाली है। हमारा कारोबार बढ़ रहा है। अब हर सीजन में दूध, दही, मठ्ठा की मांग बढ़ी है। हम दूध को मथकर मख्खन भी निकालकर बेचते हैं तो उसकी मांग भी अधिक है। -लल्लू सिंह, लखनऊ गोसाईगंज डेयरी किसान

अमरूद की खेती पिछले कई सालों से हम कर रहे हैं। इससे हमारी आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर है। हमारा प्रयास है कि हर सीजन में हर प्रकार की अमरूद की खेती कर सकें इसके लिए हम विशेषज्ञों की भी राय ले रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम अपने साथ दूसरों को रोजगार दे सकें। -सुरेश कुमार किसान लखनऊ सरोजनीनगर

हम जैविक खाद का इस्तेमाल कर सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। हमें सब्जी से सालाना अच्छी बचत होती है। हमारा प्रयास है कि हम इसमें बाजार की खाद की प्रयोग न करके खुद से तैयार खाद का प्रयोग करें, ताकि फसल भी अच्छी हो और उसका दाम भी बेहतर मिले। हमने टमाटर के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया है। -दुर्गेश कुमार यादव किसान लखनऊ सरोजनीनगर

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