अमर उजाला बालिका ओलंपिक के तीसरे दिन परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अगर देश में खेल और खिलाड़ियों का विकास हो तो हमको अस्पतालों की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य का बजट कम करके खेल का बजट बढ़ जाएगा। इससे देश का मान-सम्मान भी बढ़ेगा। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह बच्चों के सपने पूरे करने वाला कदम है। परिवहन मंत्री ने कहा कि बीते दिनों अमर उजाला समूह ने प्रदेश भर के मेधावी छात्रों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से सम्मान कराया था। इसी तरह बालिक ओलंपिक का आयोजन बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का सही मंच और अवसर मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हम लोगों में से तमाम लोग देश की आजादी के लिए हुए स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा नहीं ले सके, लेकिन आजादी के अमृत महोत्सव के जरिए देश की तरक्की के लिए अपना योगदान देकर स्वंतत्रता के लिए अपनी जान देने वाले सेनानियों के सपनों को साकार कर सकते हैं। ये संयोग है कि अमर उजाला परिवार भी आजादी के एक वर्ष बाद से देश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। इस समूह ने पत्रकारिता में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ सामाजिक सरोकारों को भी हमेशा प्राथमिकता दी है। दयाशंकर ने कहा कि खेलों में जातिवाद, क्षेत्रवाद, संप्रदायवाद की कोई जगह नहीं है। इसमें एक-दूसरे का सहयोग करके आगे बढ़ा जाता है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम की पंक्तियों को दोहराया कि सपने वह देखो, जो आपको सोने न दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह के प्रयासों में राज्य सरकार हमेशा अमर उजाला समूह के साथ खड़ी होगी।
मोदी और योगी के सपनों को साकार करेगा अमर उजाला बालिका ओलंपिक
खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि अमर उजाला बालिका ओलंपिक का आयोजन कई मायनों में बेहद खास है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महिला सशक्तिकरण के सपनों को साकार करने वाला कदम है। पहली बार राज्य मुख्यालय पर समस्त जिलों के खिलाड़ियों को बुलाकर प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इससे निश्चित रूप से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वह देश और प्रदेश के लिए मेडल लाने का भरकस प्रयास करेंगी।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार के विभिन्न क्षेत्रों में हमेशा उल्लेखनीय योगदान देने वाले अमर उजाला समूह की यह नई पहल बालिकाओं के लिए सुनहरा मौका लेकर आई है। जिलों की प्रतिभाओं को अक्सर मौका नहीं मिल पाता है, उनकी प्रतिभा को निखारने का संकल्प इस समूह ने उठाया है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आपको प्रदेश और देश के लिए खेलना है, इसलिए अपने प्रयासों में कोई कमी मत आने दीजिएगा। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हर संसाधन मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हम गांवों में भी खेल के मैदान बनवा रहे हैं। खिलाड़ियों को तमाम नौकरियों के अवसर मुहैया कराए गए हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में मेडल जीतने वालों को सरकार बड़ी धनराशि देकर सम्मानित कर रही है। इन प्रयासों से यूपी जल्द मेडल लाने वाला सबसे अग्रणी राज्य बनेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि मेडल लाने में भी हमारे प्रदेश की बालिकाएं बाजी मारेंगी।
खेलोगे कूदोगे तो भी मिलेगा रोजगार : गिरीश चंद्र यादव
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने अमर उजाला को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि छोटे छोटे जिलों के खिलाड़ियों को एक अवसर मिला है। इस मंच से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों के लिए प्रतिभाएं निकलेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के लिए ढेरों योजनाएं लाई हैं। पहली बार विभाग ने एक खेल नीति बनाई और खेल के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे की व्यवस्था की है।
भारत सरकार की तर्ज पर खेल विकास प्राधिकरण पर यूपी में भी खेल विकास प्राधिकरण का आगाज किया। यहां हर विकास खंड में एक मिनी स्टेडियम बनाएंगे। वहां हर तरह की सुविधा मिलेगी। खिलाड़ी देश के जिस हिस्से में खेलों में हिस्सा लेने जाएगा,उसे प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए पांच लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार ने पहली बार एतिहासिक निर्णय लिया कि पदक विजेता खिलाड़ी को सरकारी नौकरी देंगे। लोक सेवा आयोग की भर्ती से बाहर करके पदक विजेता को सीधे नौकरी देने का एलान सरकार ने किया। दो फीसदी खेल कोटा तय किया। इसी का नतीजा है कि 534 खिलाडियों की सीधी भर्ती पुलिस विभाग के लिए खोली गई। इनमें से 489 को चुन लिया गया है। 227 का सत्यापन रह गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खेल के मैदान में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिलेंगे।