संस्थान के शताब्दी फेज-1 भवन में भूतल पर स्थित हाल में सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब पीली शर्ट पहने यह व्यक्ति कई बैग लेकर कुर्सी पर बैठा हुआ था। यहां मौजूद सस्ती दर की दुकान पर सर्जिकल सामान उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर कर्मचारी सामने कुर्सी पर बैठे इसी व्यक्ति के पास तीमारदारों को भेज रहे थे। मरीज ओटी में जा चुका था, इसलिए सामान जल्दी लाना था। तीमारदार इस व्यक्ति को पर्चा दिखाकर सामान के बारे में पूछता है।
इस पर वह कुछ सामान बैग से दे देता है और कुछ मंगाने के लिए किसी को फोन करने लगता है। यह सब खुलेआम चल रहा था, लेकिन इसे रोकने और टोकने वाला कोई नहीं था। केजीएमयू के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि यह नजारा यहां आए दिन नजर आता है। भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह रोज रिकॉर्ड भी होता है, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले डॉक्टर इसे देखने की जरूरत नहीं समझते। ऐसे में एचआरएफ में जरूरी सामान उपलब्ध न होने की आड़ में मरीजों को महंगा सामान खरीदने पर मजबूर किया जाता है।
दो कुर्सी पर डेरा, मजाल कि कोई बैठ जाए
इस व्यक्ति की धाक और पहुंच का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसने हॉल के अंदर दो कुर्सियों पर अपना डेरा जमा रखा था। वहीं पर बगल में कई
तीमारदार जमीन पर बैठे थे। किसी ने कुर्सी पर बैठने का प्रयास भी किया तो उसे इस व्यक्ति ने बैठने नहीं दिया।
सूचना पर आए प्रॉक्टर, मौके पर पकड़ा
‘अमर उजाला’ के संवाददाता ने इसकी सूचना प्रॉक्टर प्रो. क्षितिज श्रीवास्तव को दी। इस पर वह शताब्दी भवन पहुंचे और आलमबाग निवासी विनय मिश्रा नाम के इस व्यक्ति को पकड़ा। अवैध रूप से मेडिकल और सर्जिकल सामान बेंचने के आरोप में इसे चौकी इंचार्ज को सौंपकर विधिक कार्रवाई करने के लिए कहा।
गंभीर मामला, होगी कार्रवाई
संस्थान में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के माध्यम से मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं व सामान उपलब्ध कराया जाता है। मौके पर विनय मिश्रा नाम का व्यक्ति अवैध रूप से मेडिकल और सर्जिकल सामान बेचते पाया गया। यह गंभीर मामला है। विधिक कार्रवाई के लिए उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। -प्रो. क्षितिज श्रीवास्तव, प्रॉक्टर, केजीएमयू