बेटियों में आत्मविश्वास जगाने और उनके बेहतर भविष्य की खातिर लोगों को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से है अमर उजाला की अनूठी पहल ‘कार्यस्थल पर बेटियां’।
आप अपनी बेटी को अपने कार्यस्थल और प्रतिष्ठान में लेकर जाएं और अपनी कुर्सी पर उसे बैठाकर उसके साथ सेल्फी लें। ये सेल्फी हमें 23 जनवरी तक अवश्य भेज दें।
इसे हम 24 जनवरी के अंक में प्रकाशित करेंगे। फोटो के साथ अपना और बेटी का नाम व खुद का परिचय अवश्य लिखें। फोटो व्हाट्सएप या मेल करें- 7617566167
फोटो मेल भी कर सकते हैं: lko-cityreporter@lko.amarujala.com
बेटियों का संघर्ष, उन्हीं की जुबानी
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर ही हम राजधानी की बहादुर बेटियों की चुनी हुई कहानियां भी प्रकाशित करेंगे। ये वे बेटियां होंगी जिन्होंने लाख मुसीबतें सहीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारीं। न केवल खुद की पहचान बनाई, बल्कि परिवार का सहारा भी बनीं। यदि आपके संघर्ष की कहानी भी हमारी सोच से मेल खाती है तो आप हमें अपनी कहानी 200 शब्दों में लिखकर 23 जनवरी शाम 5 बजे तक अवश्य भेजें, अपने पूरे परिचय और एक फोटो के साथ।
कहानी इस मेल आईडी पर मेल करें- lko-cityreporter@lko.amarujala.com