अकेले दम पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में जुटे कट्टरपंथी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इन तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया गया है। दिल्ली में पिछले दिनों यूपी के बलरामपुर जिले के निवासी आईएसआईएस आतंकी अबू यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद यह कवायद तेज कर दी गई है।
यूसुफ से हुई पूछताछ में सामने आया कि वह आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद अकेले दम पर आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी में जुटा था। इससे पहले यूपी एटीएस ने बरेली से जिहादी इनामुल व उसके साथी सलमान समेत दो युवकों को कश्मीर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि इनामुल आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़ने की कोशिश कर रहा था। इसके साथ ही वह अपने जैसे कट्टरपंथी विचारधारा वाले कुछ अन्य युवकों को जोड़कर आतंकी वारदात करने की तैयारी में था। ये सभी अकेले काम कर रहे थे और उनके परिवार वाले भी उनके मंसूबों व हरकतों से अनजान थे।
मंगलवार को प्रयागराज के खुलदाबाद थानाक्षेत्र से ऐसी ही विचारधारा वाली युवती हीर खान को गिरफ्तार किया गया। इसने सोशल मीडिया पर भड़काऊ व घृणा फैलाने वाले पोस्ट डाले थे। इसके खिलाफ लखनऊ व प्रयागराज में मुकदमे दर्ज हैं। अयोध्या में भूमिपूजन का विरोध करते हुए मंदिर निर्माण रोकने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने मंगलवार को दबोचा था। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट डालने के मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस के सामने दिक्कत यह है कि अकेले काम करने वाले ऐसे लोगों को कैसे चिह्नित किया जाए। किस तरह उन्हें ऐसी गतिविधियों में लिप्त होने से रोका जाए। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि यूपी एटीएस, एसटीएफ, इंटेलिजेंस व पुलिस अपने स्तर पर काम कर रही हैं। वे केंद्रीय खुफिया एजेंसियां से भी समन्वय रखे हुए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के साथ खुफिया एजेंसियां अपने स्तर पर भी ऐसे तत्वों व उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाती हैं।