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नए मुख्य सचिव आलोक रंजन को नई जिम्मेदारी

Tue, 03 Jun 2014 12:06 PM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्य सचिव आलोक रंजन चार जून से लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के नए चेयरमैन होंगे। उनको बोर्ड का निदेशक बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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चार जून को एलएमआरसी बोर्ड की मीटिंग होंगी। इस मीटिंग में आलोक रंजन को बोर्ड का निदेशक बनाने का प्रस्ताव लाया जाएगा।

निदेशक बनने के बाद चेयरमैन पद पर उनको मनोनीत कर दिया जाएगा। इससे पहले एलएमआरसी के चेयरमैन पूर्व मुख्य सचिव जावेद उस्मानी थे।

फिलहाल जो एलएमआरसी के नियम हैं उनके मुताबिक प्रदेश का मुख्य सचिव उसका निदेशक होता है।

मगर निदेशक व्यक्ति को बनाया जाता है न कि पद को। इसलिए जब भी मुख्य सचिव बदलेंगे, एलएमआरसी को बोर्ड में नए निदेशक के लिए प्रस्ताव लाना पड़ेगा।

इसके बाद मुख्य सचिव को चेयरमैन बनाना पड़ेगा। यही प्रक्रिया आलोक रंजन के मामले में भी अपनाई जाएगी।

एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल ने बताया कि, मुख्य सचिव आलोक रंजन को निदेशक बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्य सचिव अपने नाम से ही एलएमआरसी का निदेशक होता है, इसलिए हमको पूरा प्रोसेस करना पड़ रहा है।

पहले मुख्य सचिव एलएमआरसी के निदेशक बनेंगे। इसके बाद बोर्ड मेंबर चेयरमैन बनाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

बोर्ड के अन्य अहम प्रस्ताव
सिविल टेंडर डॉक्यूमेंट अनुमोदित कराएंगे, सिविल कार्यों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया तीन माह में पूरी हो जाएगी।

इस प्रस्ताव के तहत बोर्ड पहले चरण के लिए सिविल कार्यों का टेंडर डॉक्यूमेंट अनुमोदित करेगा।

इस टेंडर डॉक्यूमेंट के आधार पर निविदा जारी की जाएगी। जिसमें चयनित कंपनी ही सिविल कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त मदर डिपो में भी काम के लिए टेंडर अनुमोदित किए जाएंगे।
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बिजनेस कंसलटेंट का चयन
देश विदेश के सात बिजनेस कंसलटेंट लखनऊ मेट्रो के स्टेशनों को विशेष बनाने का काम करेंगे।

अमौसी से मुंशी पुलिया के बीच इस रूट पर पांच स्टेशनों को लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आइकॉनिक (सिग्नेचर) बिल्डिंग के तौर पर तैयार करेगा।

इन स्टेशनों की डिजाइनिंग में लखनवी तहजीब और वास्तु का भी खयाल रखा जाएगा। इसके चलते एलएमआरसी इन स्टेशनों का बेहतर वित्तीय उपयोग कर सकेगा।

इसके अतिरिक्त मेट्रो रूट पर जो भी संपत्ति एलएमआरसी के प्रापर्टी डवलपमेंट में शामिल होगी, उसका अधिकतम वित्तीय उपयोग करने की जुगत भी यही कंसलटेंट लगाएगा।
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इससे मेट्रो परियोजना को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। इस संबंध में हुई प्री बिड में सात कंपनियां शामिल हुई हैं।

इनमें से एक का चयन कर के उसकी घोषणा एलएमआरसी की चार जून को होने वाली बोर्ड मीटिंग में कर दी जाएगी

पीएसी अपार्टमेंट का डिजाइन
पीएसी के लिए जिन अपार्टमेंट का निर्माण एलएमआरसी को एलडीए से कराना है, उसको लेकर पीएसी और गृह विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग हो चुकी है।

एलएमआरसी के अधिकारी अपार्टमेंट का डिजाइन पेश कर चुके हैं। इस डिजाइन में कुछ बदलाव किए जाने हैं, जो पीएसी की ओर से सुझाए जाएंगे।

उनके आधार पर फाइनल ड्राफ्ट एलडीए को देकर 32 वीं वाहिनी पीएसी में अपार्टमेंट निर्माण का टेंडर कर दिया जाएगा। इसका अनुमोदन भी बोर्ड में लिया जाएगा।
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