औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड लेकर उद्योग न लगाने वालों के भूखंड का आवंटन रद्द करके उसे लैंड बैंक में शामिल किया जाएगा। बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन सरकार ने ये फैसला किया। इसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अध्यादेश 2020 लाने जा रही है।
अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत यह व्यवस्था की जा रही है की औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड लेकर एक साल के अंदर उद्योग नहीं लगाने पर भूखंड का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा और इस भूखंड को सरकार की ओर से बनाए गए लैंड बैंक में शामिल कर लिया जाएगा।
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के तहत एक अन्य निर्णय यह किया गया है की वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक पालिसी के तहत लगाए जाने वाले उद्योगों को उसी दर पर जमीन उपलब्ध होगी जिस दर पर अन्य उद्योगों को दी जाती है। पहले इस पॉलिसी में लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग के लिए डेढ़ गुना दर पर जमीन देने का प्रावधान था।
सरकार ने यह भी निर्णय किया है ग्रेटर नोएडा व नोएडा की तर्ज पर गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) भी आपसी सहमति से जमीन खरीद सकेगा। इसके लिए डीएम की अनुमति जरूरी नहीं होगी।