राजधानी के 13 वर्ष पुराने बहुचर्चित आशियाना सामूहिक दुष्कर्म कांड के मुख्य अपराधी व सजायाफ्ता कैदी गौरव शुक्ला की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार को खारिज कर दी है।
शुक्ला को लखनऊ की सत्र अदालत 2016 में 10 वर्ष कारावास की सजा दे चुकी थी, जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है। इसी की सुनवाई के दौरान उसकी ओर से जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी।
दो मई 2005 को आशियाना थाने में नाबालिग किशोरी को अगवा कर छह युवकों द्वारा उसके साथ सामूहिक दुराचार किया गया था। इस अपराध के मुख्य अपराधी गौरव शुक्ला को 13 अप्रैल 2016 को लखनऊ की सत्र अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी।
इसके खिलाफ शुक्ला द्वारा 2016 में ही हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। पीड़िता के अधिवक्ता जलज गुप्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान शुक्ला के वकील ने अर्जी दाखिल की कि सजा सुनाए जाने के बाद से वह जेल में है। अपील पर निर्णय आने तक उसे जमानत दे दी जाए। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस मनीष माथुर ने अर्जी को नकारते हुए शुक्ला को जमानत नहीं देने का निर्णय लिया।