इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ का कहना है कि चयन समिति की बैठक में लोकायुक्त के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई थी, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उससे इतर नाम रखे गए।
उन्होंने राज्यपाल राम नाईक को पत्र भेजकर लोकायुक्त के पद पर जस्टिस वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि वे जस्टिस वीरेंद्र सिंह के नाम पर राजी नहीं थे।
तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें आश्वस्त किया था कि सरकार जस्टिस वीरेंद्र के नाम पर दबाव नहीं डालेगी। साथ ही, हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश जस्टिस एएन मित्तल के नाम पर भी विचार करने की बात तय हुई थी।