रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में चढ़ते यात्री।
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रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी कम नहीं हो रही है। शाही स्नान के बाद एक बार फिर ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस 11 घंटे विलंब से पहुंची। बुधवार रात आने वाली यह गाड़ी बृहस्पतिवार को सुबह पहुंची। इससे यात्री पूरी रात स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करते रहे।
बृहस्पतिवार को वंदेभारत ने भी काफी इंतजार कराया। प्रयागराज जाने वाली वंदेभारत 20 मिनट तो गोरखपुर जाने वाली यह ट्रेन 35 मिनट विलंब से आई। बृहस्पतिवार को सभी ट्रेन कई घंटे लेट रही। इससे प्रयागराज जाने वाले यात्री परेशान रहे। बरेली-प्रयागराज से जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पर ही रात गुजारनी पड़ी। ट्रेन जब आई तो भरी थी, जिस कारण सीट पर बैठने के लिए धक्कामुक्की से साथ यात्रियों के बीच कहासुनी हुई। जीआरपी और आरपीएफ ने स्थिति को नियंत्रण में किया।
बृहस्पतिवार को लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर पांच घंटे, देहरादून-बनारस जनता मेल तीन घंटे, चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस दो घंटे, प्रयागराज-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने दो घंटे देर से आई। बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, टनकपुर-शक्ति नगर त्रिवेणी एक्सप्रेस, प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल, प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस सवा घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस पौन घंटे विलंब से पहुंची।
रायबरेली-कानपुर पैसेंजर ऊंचाहार स्टेशन पर करीब आधे घंटे विलंब से पहुंची और आधे घंटे रुकी रही, जिससे लेटलतीफी एक घंटे से ज्यादा हो गई। बुधवार को देर रात प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर सात घंटे, प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस सवा दो घंटे, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, कानपुर-रायबरेली पैसेंजर व कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे देर से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि सभी ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण विलंब से आई हैं।