मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी नेकोरोना के संक्रमण से होने वाली मृत्यु की डेथ ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि समिति गठित कर ऐसे सभी मामलों की जांच कराई जाए कि उनके इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई।
मुख्य सचिव ने ये निर्देश शुक्रवार को कोविड-19 से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों के कान्टैन्ट ट्रेसिंग व सर्विलान्स से लेकर कोरोना लैब टेस्ट व इलाज में यदि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बरती गई है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। इसके अलावा जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस अधिक आ रहे हैं तथा कोरोना संक्रमण से अधिक संख्या में मृत्यु हो रही हैं, उनकी गूगल मैपिंग कराई जाए। उन्होंने ऐसे जिलों की अलग से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
तिवारी ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती कोरोना के मरीजों व उनके तीमारदारों से इलाज व व्यवस्थाओं के संबंध में नियमित फ ीडबैक लिया जाए और इस फ ीडबैक के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
धार्मिक स्थलों व भीड़भाड़ में मास्क न पहनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के फरमान
मुख्य सचिव ने कहा है कि धार्मिक स्थलों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। इसकी मानीटरिंग वहां लगे सीसीटीवी से की जाए। जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाकों व बाजारों में वीडियोग्राफ की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मामलों में काफ ी कमी आई है तथा रिकवरी रेट भी बेहतर है। इसके बावजूद किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती न जाए। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क पहनने के प्रति जन-सामान्य को लगातार जागरूक करने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।