योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के बाहर पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति बंद कर दी गई, जिसे पुन: चालू कर दिया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से लंबित 8858 छात्रों को 10.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। रिन्युवल (पुराने) श्रेणी केविद्यार्थियों के लिए दो अक्टूबर को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। नए छात्रों को 26 जनवरी के अवसर पर छात्रवृत्ति का वितरण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 में 40 लाख से अधिक लोगों को वृद्धावस्था पेंशन के रूप में 1952 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जबकि, वर्ष 2016-17 में 36.52 लाख बुजुर्गों को ही योजना का लाभ मिला था। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत भी वर्ष 2017-18 में 86256 और वर्ष 2018-19 में अभी तक 36576 लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। जो उससे पहले के वर्षों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
इसी तरह से अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्तियों को पिछले वित्त वर्ष में 151 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। वहीं, वर्ष 2016-17 में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 47.74 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता ही दी गई थी। इतना ही नहीं इस योजना के तहत डीएम को यह अधिकार दिया गया है कि वे टीआर-27 के तहत तत्काल पीड़ित पक्ष को मुआवजा दें। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 14580 सामूहिक विवाह कराए गए थे। वर्ष 2018-19 में अभी तक 6361 जोड़ों के विवाह हो चुके हैं। नवंबर में एक ही दिन में 10 हजार जोड़ों को विवाह बंधन में बांधे जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था व निराश्रित महिला पेंशन के लिए पात्र पाए गए 12 लाख महिला व पुरुषों को शीघ्र योजना का लाभ देने के निर्देश दिए। इनमें 9 लाख वृद्धावस्था पेंशन और 3 तीन लाख महिलाएं निराश्रित पेंशन के लिए पात्र मिली हैं।