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आम लोगों से जुड़ी सेवाएं अब ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर, घर बैठे मिलेगी मार्क्सशीट-सर्टिफिकेट, छुट्टी

Mon, 29 Jan 2018 10:06 AM IST
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
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योगी आदित्यनाथ सरकार विभिन्न विभागों से आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी ने अपने प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल को यह महत्वपूर्ण टास्क सौंपा है।
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इस पहल के अंतर्गत 252 और सरकारी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से जोड़ने की योजना है। इनमें आम लोगों के जीवन में अक्सर उपयोग में आने वाली सेवाएं शामिल हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल से आम लोगों को सरकारी दफ्तरों की अनावश्यक दौड़भाग से छुट्टी मिलेगी। मार्क्सशीट, सर्टिफिकेट, छुट्टी, मेडिकल रिम्बर्समेंट, औद्योगिक भूखंडों के अलॉटमेंट, वापसी जैसी सेवाएं ऑनलाइन ही उपलब्ध कराने की योजना है।
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किसी सेवा से जुड़ा कोई संशोधन कराना होगा तो उसके लिए भी घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और ऑनलाइन संशोधन होकर मिल भी जाएगा। हर सेवा तय समय सीमा में लोगों को ऑनलाइन उपलब्ध होगी। अधिकारी के मुताबिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर कुल 269 सेवाओं को लाने की योजना है, उनमें जनहित गारंटी अधिनियम के दायरे में आने वाली 224 और अधिनियम के बाहर वाली 45 सेवाएं शामिल हैं।

इनमें ऐसी सेवाएं भी हैं जो ऑनलाइन तो उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन ई-पोर्टल पर नहीं हैं। 169 मैनुअल सेवाएं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गोयल ने संबंधित विभागों व एनआईसी से समन्वय करवाकर काम शुरू करा दिया है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री आदर्श सिंह इस काम को नियमित तौर पर देख रहे हैं। गोयल स्वयं अलग-अलग विभागों से इस काम की प्रगति की समय-समय पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

ई-डिस्ट्रिक्ट पर इस तरह जुड़ेंगी सेवाएं

online app
- जनहित गारंटी कानून के अंतर्गत 34 विभागों से 224 तरह की सेवाएं देने का प्रावधान है।
- 7 विभागों की आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जैसी 17 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर हैं।
- 15 विभागों की 38 सेवाएं संबंधित विभागों की वेबसाइट पर मिल रही हैं।
- एक्ट से जुड़ी 27 विभागों की 169 सेवाएं अभी मैनुअल हैं। इन्हें ऑनलाइन करवाकर ई-डिस्ट्रिक्ट पर लाएंगे।
- 20 विभागों की 45 ऐसी सेवाएं हैं जो जनहित गारंटी अधिनियम में नहीं हैं, लेकिन विभाग इन्हें ऑनलाइन दे रहे हैं।

अलग-अलग वेबसाइट पर भटकने से मिलेगी छुट्टी

प्रदेश के 35 विभाग करीब 83 सेवाएं अलग-अलग वेबसाइट पर दे रहे हैं। इनमें 20 विभागों की 45 सेवाएं जनहित गारंटी अधिनियम के बाहर की हैं।

इनमें ऊर्जा, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण, महिला कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, नि:शक्तजन कल्याण, परिवहन, यूपी राज्य परिवहन निगम, पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्टांप व रजिस्ट्रेशन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, राज्य लोक सेवा आयोग, शहरी विकास, कारागार, वन व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अपने विभाग से जुड़ी बिजली कनेक्शन, नाम बदलवाने, बिजली बिल भुगतान, छात्रवृत्ति, पेंशन, डीएल, खोया-पाया एफआईआर, चरित्र प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और संपत्ति रजिस्ट्री जैसी 45 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रहे हैं।

जनहित गारंटी अधिनियम के अंतर्गत 15 विभागों की फसल बीमा, पेड़ काटने की अनुमति और अविवादित वरासत जैसी 38 सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही हैं। इन सभी को ई-डिस्ट्रिक्ट पर लाया जाएगा।
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ये सेवाएं घर बैठे मिलेंगी

खाद, बीज, रसायन बिक्री की अनुमति, डेयरी कमेटियों के रजिस्ट्रेशन, नगर क्षेत्र में अविवादित संपत्ति का म्यूटेशन, संपत्ति का रजिस्ट्रेशन, फ्रीहोल्ड, संपत्ति की जमा राशि की वापसी, अस्पताल में मृत्यु का सर्टिफिकेट, उम्र प्रमाण पत्र, नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन, सफल परिवार नियोजन से जुड़े भुगतान, मेडिकल रिम्बर्समेंट, करंट लगने से होने वाली मौत का मुआवजा, श्रम विभाग से दी जाने वाली स्वीकृतियां, ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा पोर्टल पर मिलेगी।

इसके अलावा शिक्षा विभाग में मूल व डुप्लीकेट प्रमाण पत्र, मार्क्सशीट, अंक सुधार प्रमाण पत्र, रद्द परीक्षा व परीक्षा केंद्र रद्द किए जाने से जुड़े निर्णय, डिग्री कॉलेज खोलने की अनापत्ति, एनएसएस सर्टिफिकेट, कॉशन मनी की वापसी, चरित्र प्रमाण पत्र, प्रोविजनल प्रमाण पत्र, स्क्रूटनी रिजल्ट, मेडिकल सर्टिफिकेट, सिनेमागृहों के रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण, स्कूल, कॉलेजों में स्प्रिट के आपूर्ति की अनुमति, नारकोटिक्स दवाओं की निर्यात, बार लाइसेंस, थानों में आने वाली शिकायतों, जीपीएफ, मेडिकल अवकाश, अर्न लीव, वेतन भुगतान, गोपनीय प्रविष्टि, एसीपी जैसी विभिन्न विभागों की 169 सेवाएं जनहित गारंटी अधिनियम के अंतर्गत हैं। ये ऑनलाइन कर ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लाई जाएंगी। 
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