नवरात्र से पहले प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाएंगी। इसकी वजह पीडब्ल्यूडी के पास बजट का टोटा है। इसके लिए कुल 600 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, पर विभाग वर्तमान स्थितियों में बहुत ही खींचतान करके 300 करोड़ रुपये का ही इंतजाम कर पा रहा है। नतीजतन, विभागीय अधिकारियों ने 17 अक्टूबर से पहले इस लक्ष्य को हासिल कर पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय समीक्षा बैठकों में सभी सड़कों के गड्ढे शारदीय नवरात्र प्रारंभ होने (17 अक्तूबर) से पहले भरने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में उपलब्ध 30 सितंबर तक के ब्यौरे के अनुसार, प्रदेश में 48400 किलोमीटर लंबाई में मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है। इसमें राज्यमार्गों, प्रमुख जिला मार्गों (एमडीआर) और अन्य जिला मार्गों (ओडीआर) की लंबाई 14,350 किलोमीटर और ग्रामीण मार्गों की लंबाई 34,050 किलोमीटर है।
इन गड्ढों को भरने के लिए पीडब्ल्यूडी के सभी खंडों ने कुल 600 करोड़ रुपये की डिमांड की है। अभी तक इस मद में डेढ़ सौ करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर हर साल गड्ढे भरने के लिए औसतन 200 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इस बार विभाग अन्य कार्यों में कटौती करके अधिक से अधिक 300 करोड़ रुपये का इंतजाम ही कर पाएगा। इसलिए बजट के अभाव में निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी गड्ढे भरना मुमकिन नहीं हो पाएगा।
विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, अभी तक 22000 किलोमीटर लंबी सड़कों के गड्ढे भरे जा चुके हैं। बजट की स्थिति देखते हुए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय सभी खंडों को निर्देश दे रहा है कि पहले महत्वपूर्ण सड़कों के गड्ढे भर दिए जाएं। स्टेट हाईवे, एमडीआर और ओडीआर के गड्ढे भरने के बाद ही उपलब्ध बजट में ग्रामीण सड़कों पर कार्य किया जाए।
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि हमें सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश मिले हैं। उपलब्ध बजट में निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिकतम कार्य पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।