किसानों से धान की सीधी खरीद को लेकर सरकार गंभीर है। मुखमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि मंडी पर आने वाले सारे धान की खरीद की जाए। खरीद केंद्रों पर किसी तरह की मनमानी न हो इसे लेकर खास ताकीद की गई है। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त को इसकी हर रोज खुद समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को धान खरीद में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हितों की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय करते हुए ऐसे लोगों की खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की अपेक्षा अब तक डेढ गुना अधिक धान क्रय किया जा चुका है। इसके बावजूद, किसानों के व्यापक हितों को देखते हुए खरीद प्रक्रिया में और तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धान क्रय करने के लिए 4200 केन्द्र स्थापित किए गए हैं और अगर जरूरत हो तो अतिरिक्त क्रय केन्द्र भी स्थापित किए जाए।
मुख्यमंत्री कहा कि धान क्रय करने वाली सभी संस्थाएं पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें। धान खरीद प्रक्रिया में कतई ढिलाई न बरती जाए। धान खरीद केन्द्रों पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। क्रय केन्द्र समय से संचालित हों और किसानों को 72 घण्टे के अन्दर उनकी उपज का भुगतान हर हाल में कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा धान खरीद में तेजी लाई जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में तैनात अपने अधिकारियों के कार्यों की गहन मानीटरिंग करें तथा धान खरीद में ढिलाई बरतनें वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग द्वारा भी जनपदों में संचालित अपने धान क्रय केन्द्रों की नियमित समीक्षा की जाए।