रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शनिवार को बैठक हुई। इसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चारों द्वारों के नाम पर सहमति बन गई। रामपथ पर बिड़ला धर्मशाला के सामने वाले वर्तमान जन्मभूमि द्वार समेत क्षीरेश्वर महादेव के सामने और उसके आगे निर्माणाधीन द्वार के साथ रामकोट मोहल्ले में रामजन्मभूमि के उत्तरी द्वार का नाम तय कर लिया गया है। इनमें अधिकांश द्वार अभी निर्माण की प्रक्रिया में हैं।
ट्रस्ट महासचिव ने यह भी बताया कि नवंबर माह में रामजन्मभूमि के मंदिरों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। सप्तमंडप पूर्ण हो गए हैं। ऋषियों समेत निषादराज, शबरी, अहिल्या माता की मूर्तियां स्थापित हो गई हैं। प्रथम तल पर श्रीराम दरबार की सीढ़ियों पर रेलिंग और लिफ्ट का काम पूरा होने पर ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारम्भ हो पाएगा। इसके अलावा लगभग चार किमी की दीवार, ऑडिटोरियम, तीर्थ क्षेत्र कार्यालय का निर्माण भी होना है। इसमें वर्ष भर का समय लग सकता है।