लखनऊ। शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगाए गए करीब 100 हेल्थ एटीएम का संचालन अब प्राइवेट कंपनी करेगी। टेंडर प्रक्रिया के बाद कंपनी (सांभवी डायग्नोस्टिक) का चयन कर लिया गया है, अनुबंध भी हो गया है। कंपनी जांच के लिए तय सरकारी दर ही लेगी। स्मार्ट सिटी कंपनी को यह हर साल 27 लाख रुपये भी देगी। अभी हेल्थ एटीएम का संचालन एसजीपीजीआई कर रहा था।
ठेके पर संचालन को लेकर जो नीति बनाई गई है, उसके मुताबिक, कंपनी ही हेल्थ एटीएम रखरखाव करेगी। अभी जो व्यवस्था थी, उसमें संचालन तो एसजीपीजीआई करता था, मगर रखरखाव स्मार्ट सिटी कंपनी को करना पड़ता था। ऐसे में कई बार मरम्मत को लेकर कागजी कार्यवाही में देरी भी होती थी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी योजना बंद हो गई और जो बचे काम है, उन्हें पूरा करने के लिए ही मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
हेल्थ एटीएम योजना के लिए 33 करोड़ का बजट पास था, वह भी अब समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब नई व्यवस्था बनने से इसके संचालन में सुधार की भी उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि करीब पांच साल पहले शहर में हेल्थ एटीएम लगाए थे, लेकिन अब तक यह विधिवत रूप से चल नहीं पाए हैं। जिससे पूरा फायदा शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है और स्मार्ट सिटी कंपनी को पैसा भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
टुकड़ों में एटीएम टेकओवर करेगी कंपनी
कंपनी छह महीने में सभी 100 हेल्थ एटीएम अपने सुपुर्दगी में लेगी। एक बार में 20 से 25 एटीएम ही टेकओवर करेगी। जिन स्थानों पर एटीएम लगे हैं, कई जगहों पर वहां बहुत कम लोग जाते हैं, ऐसे में इन्हें अच्छी लोकेशन पर शिफ्ट भी किया जाएगा। इसके लिए कंपनी सर्वे भी कर रही है।
हेल्थ एटीएम पर ये जांचें निशुल्क
बेसिक जांच (हेल्थ स्कोर) - ऊंचाई, वजन, बीएमआई, बीएमआर, हाईड्रेशन, बाॅडी मसल्स, क्वालिटी स्कोर, शरीर में वसा का अनुपात, बोन मास, मेटाबालिक आयु, मसल मास, डायस्टोलिक बीपी, सिस्टोलिक बीपी, पल्स रेट, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा व तापमान।
इन जांच के लिए लगते हैं इतने रुपये
जांच रेट (रुपये में)
शुगर 30
हीमोग्लोबिन 30
लिपिड प्रोफाइल 200
यूरिन 50
एचआईवी 50
प्रेग्नेंसी टेस्ट 30
एचआईवी 50
डेंगू 50
मलेरिया 50
ईसीजी 50
थॉयराइड 50
Iहेल्थ एटीएम का संचालन निजी कंपनी को दिया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। छह महीने के अंदर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।I
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- गौरव कुमार, नगर आयुक्तI